जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी मामले में आरोपी प्रीत सिंह को मिली जमानत

नई दिल्‍ली। राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर पिछले महीने हुए विरोध-प्रदर्शन में मुस्लिम विरोधी नारे लगाने पर गिरफ्तार किए गए एक आरोपी प्रीत सिंह को जमानत मिल गई है। प्रीत सिंह के वकील ने दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका दायर की थी। एक हफ्ते बाद दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज प्रीत सिंह को जमानत दे दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने शुक्रवार को उस समय सुनाया, जब आरोपियों ने अदालत में दलील दी कि एक लोकतांत्रिक राष्ट्र में 'हिंदू राष्ट्र' की मांग धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने वाली नहीं है।

Jantar Mantar case accused

आरोपी प्रीत सिंह के वकील विष्णु शंकर जैन ने उच्‍च न्‍यायालय में प्रीत सिंह का पक्ष लेते हुए कहा कि, "मेरे मुवक्किल ने कुछ भी ऐसा नहीं कहा, जो धारा 153 ए आईपीसी की कार्रवाई में आता हो। वे धारा-34 आईपीसी (सामान्य इरादा) का मामला डाल रहे हैं, लेकिन घटना 11:45 बजे समाप्त हुई और नारेबाजी दोपहर 3:45 बजे हुई। तब मेरा मुवक्किल मौके पर मौजूद ही नहीं था।"
गौरतलब है कि, जंतर मंतर पर हिंदू राष्‍ट्र की मांग से जुड़े नारे लगाने वालों में प्रीत सिंह का भी नाम था, जिसे मुस्लिमों के खिलाफ भड़काऊ नारे लगाने के आरोप में न्यायिक हिरासत में लिया गया था। पिछले हफ्ते, उनकी ओर से किए गए वकील ने न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता से यह भी कहा कि, अगर अदालत ने इसके विपरीत निर्णय लिया तो वह अपनी जमानत याचिका का दबाव नहीं डालेंगे।

वकील ने ऐसे दी कोर्ट में सफाई
वकील विष्णु शंकर जैन ने पिछले सप्ताह दलीलों के दौरान कहा था, "मैं जिम्मेदारी की भावना के साथ कहता हूं कि अगर अदालत यह मानती है कि मेरे मुवक्किल की मांग (हिंदू राष्ट्र की) धारा 153 आईपीसी के कार्रवाई में आती है, तो मैं अपनी ओर से जमानत याचिका पर प्रेशर नहीं नहीं डालूंगा। एक लोकतांत्रिक व्यवस्था में, अगर यह (मांग) दुश्मनी को बढ़ावा दे रही है, तो अदालत जो कहे, वो मान लिया जाएगा।, "

3 सितंबर को अर्जी पर नोटिस जारी हुआ था
वकील ने तर्क दिया कि आरोपी कथित रूप से सांप्रदायिक नारेबाजी का हिस्सा नहीं था। वहीं, अदालत को यह भी बताया गया कि मुख्य आयोजक वकील अश्विनी उपाध्याय को पहले ही जमानत मिल चुकी है। कोर्ट ने 3 सितंबर को प्रीत सिंह की जमानत अर्जी पर नोटिस जारी किया था और पुलिस को अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था।

8 अगस्त को हुई थी नारेबाजी
प्रीत सिंह पर 8 अगस्त को जंतर-मंतर पर हुई रैली में विभिन्न गुटों के बीच दुश्मनी फैलाने और युवाओं को भड़काने का आरोप है। इस दिन के बाद दर्ज हुए मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार प्रीत सिंह को जमानत देने से इनकार करते हुए 27 अगस्त को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनिल अंतिल ने कहा था कि इकट्ठा होने का अधिकार और अपने विचारों को प्रसारित करने की स्वतंत्रता संविधान के तहत पोषित है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+