दिल्ली हाई कोर्ट ने जीएनसीटीडी एक्ट को चुनौती देने वाली याचिका पर जारी किया नोटिस
दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार (संशोधन) अधिनियम 2021 के अधिकार को चुनौती देने वाली याचिका में नोटिस जारी किया है, जो दिल्ली के उपराज्यपाल की शक्तियों को बढ़ाता है।
नई दिल्ली, 24 मई। दिल्ली उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार (संशोधन) अधिनियम 2021 के अधिकार को चुनौती देने वाली आम आदमी पार्टी की याचिका पर केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया है, जो दिल्ली के उपराज्यपाल की शक्तियों को बढ़ाता है। हाईकोर्ट इस याचिका पर पहले से लंबित याचिका के साथ सुनवाई केग। आम आदमी पार्टी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर इस कानून को रद्द करने की मांग की है।

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मालूम हो कि इस कानून में दिल्ली सरकार की शक्तियों को कम कर दिया गया है जबकि उपराज्यपाल के हाथ में ज्यादा शक्तियां दे दी गई हैं। इस विधेयक को राष्ट्रपति से मंजूरी मिलने के बाद पिछले महीने गृह मंत्रालय ने इस संबंध में एक नोटिफिकेशन जारी किया था, जिसमें कहा गया कि, 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार (संशोधन) अधिनियम, 2021, 27 अप्रैल से अधिसूचित किया जाता है; अब दिल्ली में सरकार का अर्थ उपराज्यपाल है।'
जस्टिस डीएन पटेल, जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि बेंच इस मामले की अगली सुनवाई 23 जून को करेगी। इसके साथ-2 बेंच ने उत्तरदाताओं को इस मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने को भी कहा है।
इसी पीठ ने हाल ही में इसी तरह की दो अन्य याचिकाओं में नोटिस जारी कर याचिकाओं पर उनसे जवाब मांगा था। याचिकाकर्ता और आम आदमी पार्टी के सदस्य ने याचिका में कहा था कि यह संशोधन सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को रद्द करता है जिसमें दिल्ली की चुनी हुई सरकार अपने अधिकार क्षेत्र में सभी निर्णय ले सकती है उपराज्यपाल की सहमती के बगैर उन्हें लागू कर सकती है।












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