UP Election: कोरोना से खराब हुई छवि पर बीजेपी गंभीर, RSS के साथ पीएम समेत कई नेताओं ने की बैठक
नई दिल्ली, 24 मई: देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए अब एक साल से कम का वक्त बचा है। इस बार पार्टी के लिए चुनाव काफी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गए हैं, क्योंकि कोरोना महामारी की वजह से इस पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में भविष्य की रणनीति बनाने को लेकर बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शीर्ष नेतृत्व के बीच एक अहम बैठक हुई। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह भी शामिल थे।
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सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में हुई बैठक में पीएम के साथ बीजेपी चीफ जेपी नड्डा, यूपी बीजेपी महासचिव सुनील बंसल और दत्तात्रेय होसबले भी मौजूद रहे। ऐसे में लग रहा है कि पंचायत चुनाव में प्रमुख सीटों पर लगे झटके के बाद बीजेपी ने डैमेज कंट्रोल का काम चालू कर दिया है। हाल ही में यूपी में कोरोना से मरे लोगों के अंतिम संस्कार में भी लापरवाही का मामला सामने आया था। जिसके बाद सोशल मीडिया पर बीजेपी शासन की जमकर आलोचना हुई। पार्टी हाईकमान इस मामले पर भी चिंतित नजर आ रहा है।
महामारी को लेकर यूपी के हालात पर विपक्ष तो योगी सरकार पर हमलावर है ही, साथ ही पार्टी के कई नेता भी नाराज नजर आ रहे हैं। बीते 9 मई को केंद्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर बरेली निर्वाचन क्षेत्र के बारे में शिकायत की थी। मंत्री के मुताबिक अधिकारी कॉल नहीं उठा रहे हैं। साथ ही जिला अस्पताल से बिना इलाज मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। इसके अलावा उन्होंने ऑक्सीजन और मेडिकल उपकरणों की भी कीमत का मुद्दा उठाया था। मंत्री के बाद सीतापुर से बीजेपी विधायक ने भी कहा था कि सरकार के खिलाफ बोलने पर राजद्रोह का केस हो जाता है।
यूपी चुनाव क्यों है अहम?
उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य तो है ही, साथ ही यहां पर लोकसभा की 80 सीटें हैं। ऐसे में आप 2022 के विधानसभा चुनाव को 2024 के लोकसभा चुनाव का सेमी फाइनल कह सकते हैं। राम मंदिर और कई सारे विकास प्रोजेक्ट के बाद भी अगर बीजेपी ने राज्य में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, तो राष्ट्रीय स्तर पर ये पार्टी के लिए खतरे की घंटी हो सकती है।












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