एमसीडी चुनाव: AAP की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को जारी किया नोटिस
नई दिल्ली, 24 मार्च: -दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) की याचिका पर भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) और दिल्ली राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया। जिसमें आगामी नगर निगमों (एमसीडी) चुनाव ईवीएम से कराने का निर्देश देने की मांग की गई थी। जो वीवीपैट के अनुकूल हैं।

इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को चुनाव आयोग को स्पष्ट करने का निर्देश दिया था कि क्या वीवीपैट प्रणाली का इस्तेमाल एम-3 ईवीएम के साथ किया जा सकता है और क्या उन्हें नगर निगम चुनाव कराने के लिए दिल्ली राज्य चुनाव आयोग को उपलब्ध कराया जा सकता है? न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने चुनाव आयोग के वकील को इस मुद्दे पर निर्देश लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा था।
इससे पूर्व राज्य चुनाव आयोग के वकील ने अदालत को बताया कि वीवीपीएटी का उपयोग केवल आम चुनावों और विधानसभा चुनावों में किया जाता है और नीति के रूप में चुनाव आयोग एम-2 ईवीएम का उपयोग पूरे भारत में नगरपालिका चुनावों के लिए कर रहा है। एम-2 ईवीएम दूसरी जनरेशन की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है जबकि एम-3 तीसरी जनरेशन की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन है। एम-3 की उपलब्धता को देखना होगा, कि क्या वह उस समय पर उपलब्ध रहेंगी।
वहीं भारतीय चुनाव आयोग की ओर से पेश अधिवक्ता सुरुचि सूरी ने कहा कि वीवीपीएटी संगत मशीनों के लिए पूछने के लिए एक प्रक्रिया का पालन किया जाना है और उन्हें ऐसा कोई अनुरोध नहीं मिला है। अदालत ने उनके तर्क पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह दिलचस्प है। एक निकाय आता है और कहता है कि अगर चुनाव आयोग देता है तो हम इसका इस्तेमाल कर सकते हैं। फिर चुनाव आयोग आता है और कहता है कि हमसे संपर्क नहीं किया गया है।
दरअसल हाईकोर्ट विधायक सौरभ भारद्वाज के माध्यम से दायर आम आदमी पार्टी (आप) की याचिका पर सुनवाई कर रहा है। याचिका में दिल्ली चुनाव आयोग को एमसीडी चुनाव में वीवीपीएटी वाले ईवीएम का उपयोग करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। गौरतलब है कि दिल्ली चुनाव आयोग के वकील ने अदालत को बताया कि वीवीपीएटी का उपयोग सिर्फ आम चुनावों और विधानसभा चुनावों में किया जाता है और नीतिगत आधार पर देशभर में निकाय चुनावों के लिए एम-2 ईवीएम का उपयोग किया जा रहा है।












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