Delhi: डीयू के 12 कॉलेजों में अवैध नियुक्तियों पर सरकार सख्त, मंत्री आतिशी ने दिए कार्रवाई के निर्देश
दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) के 12 कॉलेजों में अवैध तरीके से कर्मचारियों की नियुक्ति के मामले में सरकार ने शख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री आतिशी (Minister Atishi Marlena) ने आरोप लगाते हुए उच्च शिक्षा सचिव को इन कॉलेजों में अनियमितताओं की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि कॉलेजों द्वारा बुनियादी मानदंडों का उल्लंघन किया गया है।
दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी मार्लेना ने कहा है कि उन्हें बताया गया कि जिन कॉलेजों में अवैध नियुक्तियां की की गई हैं, उन्होंने ऑडिट रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की। मंत्री ने कहा कि कॉलेजों को जारी किया गया फंड सार्वजनिक धन है और सरकार करदाताओं के प्रति जवाबदेह है। शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा, "ये कॉलेज उल्लंघन कर रहे हैं। सरकार के ऑडिट निदेशालय ने अपनी रिपोर्ट में इन 12 कॉलेजों में से 6 का विशेष ऑडिट शामिल किया है।"

यह 2020 में किया गया था। इसमें इन कॉलेजों की गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। इन खामियों में सरकारी खजाने से सैकड़ों करोड़ रुपये का व्यय शामिल है। इसमें आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज, अदिति महाविद्यालय, शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज, डॉ. भीम राव अंबेडकर कॉलेज समेत कई कॉलेज शामिल हैं।
12 कॉलेजों में नियुक्तियां अवैध कैसे?
डीयू के 12 कॉलेजों में शिक्षण कर्मचारियों के 1365 और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के 1173 पद सृजित किए गए थे। जिसमें से केवल 426 और 215 पदों के लिए सरकार की मंजूरी प्राप्त की गई। जबकि इन कॉलेजों में वर्तमान में 939 शैक्षणिक पद और 958 अवैध गैर-शिक्षण पद हैं। सरकार की मंजूरी ने मिलने चलते ये पद शुरुआत से अवैध रूप से सृजित किए गए हैं। ऐसे में इन पदों पर की गई सभी प्रकार की नियुक्तियां चाहे तदर्थ हों या फिर स्थायी सभी अवैध मानी जाएंगी।












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