OPINION: दिल्ली सरकार का एंटी डस्ट कैंपेन, 'जहरीली हवा' पर लगेगी लगाम
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक्पर्ट्स के मुताबिक अगले हफ्ते प्रदूषण बढ़ने की आशंका है। ऐसे में इसे रोकने के लिए दिल्ली सरकार ने खास विंटर एक्शन प्लान भी तैयार किया है। जिसके तहत एंटी डस्ट कैंपेन चलाया जा रहा है। दिल्ली में इस हफ्ते शुक्रवार (08 अक्टूबर) को ग्रैप का पहला चरण शुरु हो गया है। लेकिन प्रदूषण स्तर में अधिक परिवर्तन नहीं देखा गया। दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए किए जा रहे तमाम प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। ऐसे में दिल्ली सराकार ने बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया। माना जा रहा है कि इससे राजधानी की वायु की गुणवत्ता बढ़ने के साथ बड़े पैमाने पर प्रदूषण में कमी आएगी।
दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में चार ऐसे इलाके चिन्हित किए हैं, जहां एक्यूआई पिछले कुछ दिनों में कई बार चिंताजनक हालत में पहुंच चुकी है। खराब वायु गुणवत्ता के चलते इन क्षेत्रों में आम जन के लिए स्वास्थ्य का भी जोखिम है। ऐसे में दिल्ली सरकार के सर्वे के आधार चयनित क्षेत्रों में एंटी डस्ट कैंपेन शुरू किया जा रहा है। इसके लिए 13 विभाग की 591 टीम तैनात की गई हैं।

सर्दियों में एक्यूआई स्तर होगा नियंत्रण
दिल्ली में सर्दियों के दिनों में प्रदूषण का स्तर अचानक बढ़ जाता है। खराब एक्यूआई के चलते सांस लेना मुश्किल हो जाता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए दिल्ली सरकार ने युद्ध स्तर पर प्रयास शुरू कर दिए हैं। विंटर एक्शन प्लान के तहत बढ़ते प्रदूषण को रोने के लिए धूल रोधी अभियान शुरू किया गया। पहले चरण में दिल्ली सरकार उन जगहों पर एंटी डस्ट कैंपने चला रहा है जो प्रदूषण के लिहाज से हॉटस्पॉट हैं।
13 हॉटस्पॉट पर नजर
हाल में एक्यूआई चांज रिपोर्ट से पता चला है कि दिल्ली के चार इलाकों की हवा बेहद खराब स्तर पर है। इनमें मुंडका, शादीपुर, बवाना और वजीरपुर शामिल हैं। दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 216 दर्ज किया गया। वहीं पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि दिल्ली के सभी हॉटस्पॉट पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। अभी तक चिह्नित किए गए 13 हॉटस्पॉट के लिए अलग-अलग कार्य योजना बनाई गई है। इसके आधार पर संबंधित क्षेत्र में काम किया जा रहा है। इसकी मॉनिटरिंग ग्रीन वॉर रूम से लगातार की जा रही है।
13 विभागों की टीम तैनात
ऐसे में दिल्ली सरकार ने बिल्डरों से कुछ खास नियमों का पालन करने को कहा। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि निर्माणाधीन साइटों पर अगर नियमों की अनदेखी पाई गई तो सरकार सख्त एक्शन लेगी। मंत्री ने निर्माण साइटों की निगरानी के निर्देश दिए। एंटी डस्ट अभियान के तहत दिल्ली में धूल रोकने के लिए 82 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें, 530 वॉटर स्प्रिंकलर और 258 मोबाइल एंटी स्मॉग गन की व्यवस्था की ई है। कुल 13 विभाग की 591 टीम तैनात की गई हैं। भियान का पहला फेज 7 नवंबर तक चलेगा। इसके लिए 200 से अधिक एंटी-स्मॉग गन तैनात करने की योजना है। पीडब्ल्यूडी ने इसके लिए पहले से ही मंडलों में एंटी-स्मॉग गन किराए पर लेनी शुरू कर दी थी।
एंटी स्माग गन को लेकर सरकार ने जारी किए निर्देश
सभी निर्माण साइटों के आसपास एंटी स्मॉग गन सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक तैनात की जाएंगी। उन्हें सीएनजी से चलने वाले बीएस-6 इंजन के ट्रक पर लगाया जाएगा और पानी के टैंकर की क्षमता 7000 लीटर से कम नहीं होनी चाहिए। वाहन के आगे और पीछे कैमरे व जीपीएस सिस्टम होना चाहिए। यह 50 मीटर की ऊंचाई तक पानी का छिड़काव करने में सक्षम होगा।












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