ऑक्सीजन संकट से जूझ रही दिल्ली में अब टेस्टिंग किट की भी होने लगी किल्लत, स्थिति चिंताजनक
नई दिल्ली, अप्रैल 26। देश की राजधानी दिल्ली में कोरोना का संक्रमण रोज नए रिकॉर्ड बना रहा है। कभी एक दिन में आने वाले मरीजों की संख्या बहुत ज्यादा है तो कभी मौत के आंकड़े चिंता बढ़ा रहे हैं। वहीं ऑक्सीजन संकट से सरकार के एकदम हाथ-पांव फूल गए हैं। इस बीच दिल्ली में टेस्टिंग करने वाली लैब्स पर भी बहुत अधिक बोझ पड़ने लगा है। स्थिति ये है कि RT-PCR टेस्टिंग की क्षमता अपने पीक पर पहुंच चुकी है। यही वजह है कि टेस्टिंग सामग्री की भारी कमी देखने को मिल रही है। दिल्ली में पिछले आठ दिनों से रोजाना लगभग 85,000 टेस्ट किए जा रहे हैं। इनमें से करीब 51000 RT-PCR और बाकी रैपिड एंटीजन टेस्ट हुए हैं। ये आंकड़े दिल्ली सरकार की ओर से उपलब्ध करवाए गए हैं।

टेस्टिंग लैब्स पर पड़ने लगा अतिरिक्त बोझ
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक, दिल्ली की लैब्स में अब टेस्टिंग के लिए इस्तेमाल होने वाली जरूरी किट की काफी कमी हो रही है। इसमें IL6 (इंटरल्यूकिन 6), डी-डाइमर और सीआरपी की कमी से भारी संकट पैदा होता दिख रहा है। सिर्फ दिल्ली में ही हल्के से मध्यम रोग वाले लगभग 1.4 लाख मरीज हैं और पहले से ही टेस्टिंग लैब्स पर अत्यधिक बोझ पड़ा हुआ है।
टेस्टिंग किट की होने लगी कमी
डॉक्टर डैंग लैब के सीईओ अर्जुन डैंग का कहना है कि इस मुश्किल घड़ी में हमें सबसे ज्यादा अफसोस इस बात का है कि हम अपने सभी रोगियों को समायोजित करने में असमर्थ हैं, जिन्होंने हमेशा ही हमारे उपर विश्वास किया है, परेशानी वाली बात ये है कि अब टेस्टिंग किट की भी कमी होने लगी है। वहीं डांग लैब के फाउंडर डॉ. नवीन डांग का कहना है कि उन्होंने पिछले छह महीनों में तीन बार टेस्टिंग की क्षमता को बढ़ाया है, लेकिन इस बार जो मुश्किल आई है, वो पहले कभी नहीं आई। नवीन डांग ने बताया कि टेस्टिंग की क्षमता को बढ़ाने के लिए हमें उपकरण खरीदने और अधिक ट्रेंड स्टाफ को हायर करना होता है।












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