Delhi Chunav: दिल्ली में चौंकाने की तैयारियों में जुटी BJP, RSS ने भी हरियाणा,महाराष्ट्र की तरह संभाला मोर्चा
Delhi Chunav 2025: दिल्ली विधानसभा चुनावों की तैयारियों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी पहले से ही जमीन पर दिख रही है तो बीजेपी भी पीछे नहीं है। पार्टी ने भले ही आप की तरह अभी उम्मीदवारों के नाम घोषित करने शुरू नहीं किए हैं,लेकिन इसको लेकर उसकी ओर से चौंकाने वाले पहल दिख सकते हैं। बीजेपी का काम आसान करने में इस बार आरएसएस की भूमिका भी बहुत अहम होने वाला है और उसने भी अपना काम शुरू कर दिया है।
ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी आम आदमी पार्टी के दिग्गजों के खिलाफ चौंकाने वाले चेहरे को उतार सकती है। वैसे बीजेपी के अंदर एक भावना ये है कि पुराने और दिग्गज नेताओं की जगह युवा चेहरों पर फोकस किया जाए, लेकिन कुछ ऐसे पुराने चेहरे हो सकते हैं, जिससे राजधानी की चुनावी फिजा दिलचस्प होना तय है।

केजरीवाल और आतिशी के खिलाफ दिग्गजों पर दांव!
इस महीने के आखिर तक बीजेपी दिल्ली में उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। माना जा रहा है कि पार्टी अपने पूर्व सांसदों प्रवेश वर्मा और रमेश बिधूड़ी को उतार सकती है। प्रवेश वर्मा नई दिल्ली से आम आदमी पार्टी प्रमुख और दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल को चुनौती दे सकते हैं।
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वहीं बिधूड़ी के बारे में कहा जा रहा है कि वह मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना को कालकाजी में चुनौती देना चाहते हैं। बिधूड़ी दक्षिणी दिल्ली के सांसद रह चुके हैं। वैसे बीजेपी की प्रदेश इकाई चाहती है कि बिधूड़ी तुगलकाबाद से बेहतर प्रत्याशी हो सकते हैं।
पू्र्वांचलियों और जाट प्रत्याशियों को ज्यादा टिकट!
भारतीय जनता पार्टी में एक ऐसा वर्ग भी है, जो चाहता है कि पू्र्वांचलियों और जाट प्रत्याशियों को ज्यादा टिकट मिले, ताकि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की चुनौती को कम किया जा सके।
जाटों की बात करें तो हाल ही में पार्टी में शामिल हुए दिग्गज आप नेता और पूर्व मंत्री कैलाश गहलोत भी बीजेपी के उम्मीदवार बन सकते हैं। इस बार वह खुद के लिए बिजवासन में संभावनाएं देख रहे हैं, लेकिन पार्टी चाहती है कि वह अपनी मौजूदा नजरफगढ़ सीट से चनाव लड़ें।
कई सीटों पर दिग्गज ही होंगे बीजेपी के चेहरे!
वर्मा और बिधूड़ी के अलावा जिन चर्चित चेहरों के नाम उछल रहे हैं, उनमें पूर्व सीएम मदनलाल खुराना के बेटे हरीश खुराना को मोतीनगर, विष्णु मित्तल को विश्वासनगर और मनजिंदर सिंह सिरसा को राजौरी गार्डन से टिकट दिया जा सकता है। वहीं पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय मालवीय नगर से चुनाव लड़ सकते हैं।
जानकारी के मुताबिक पार्टी के दिग्गजों में पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल और हर्षवर्धन भी चाहते हैं कि उन्हें भी चुनाव लड़ने का मौका दिया जाए। जहां तक पार्टी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की बात है तो बीजेपी उन्हें कस्तूरबा नगर या कृष्णा नगर से टिकट दे सकती है। वे इस हफ्ते से पूरी दिल्ली में यात्रा भी शुरू करने वाले हैं। यह एक तरह से दिल्ली विधानसभा के लिए पार्टी के चुनाव अभियान की शुरुआत होगी।
दिल्ली चुनावों के लिए अभी से सक्रिय हुआ संघ
लोकसभा चुनाव के बाद कम से कम हरियाणा और महाराष्ट्र में बीजेपी की बड़ी जीत में आरएसएस का बहुत बड़ा योगदान रहा है। जमीनी स्तर पर मौजूद उसके स्वयं सेवकों की वजह से पार्टी को अप्रत्याशित सफलताएं प्राप्त हुई हैं। पार्टी के लिए अच्छी बात ये है कि संघ ने दिल्ली विधानसभा चुनावों के सिलसिले में अभी बैठकों का दौर शुरू कर दिया है।
आरएसएस के बड़े पदाधिकारी संभाल रहे हैं तालमेल का जिम्मा
बीजेपी के एक सूत्र ने वनइंडिया को बताया कि संघ की ओर से बीजेपी के छोटे-छोटे समूहों के साथ बातचीत शुरू की जा चुकी है, जिसमें चुनावी रणनीतियों पर चर्चा हो रही है। सोमवार को भी ऐसी बैठक बुलाई गई है। खास बात ये है कि दिल्ली में तैनात आरएसएस के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार खुद ही पार्टी और संघ के बीच तालमेल बिठाने का दायित्व संभाल रहे हैं।
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संघ के साथ तालमेल के अभाव का खामियाजा भाजपा लोकसभा चुनावों में भुगत चुकी है। लेकिन, उसके बाद हरियाणा और महाराष्ट्र में संघ की वजह से बीजेपी को जो फायदा मिला है, वह करीब 100 साल पुराने इसके अभिभावक संगठन की जमीनी स्तर पर कार्य क्षमता का शानदार उदाहरण है।












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