दिल्ली में घर- घर राशन स्कीम को लेकर अड़चन क्यों, मंत्री आतिशी का केंद्र पर गंभीर आरोप, जानिए क्या कहा?
दिल्ली सरकार ने घर घर राशन स्कीम का प्रपोजल वर्ष 2021 में ही तैयार कर लिया था। इसे अब जल्द लागू करने की कवायद की जा रही है। इस बीच मंत्री आतिशी ने केंद्र और उप राज्यपाल बीके सक्सेना पर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी नेतृत्व नहीं चाहता कि दिल्लीवासी पात्र राशनकार्ड धारकों को उनके हक का राशन आसानी मिल सके।
पंजाब में आम आदमी पार्टी की नेतृत्व वाली सरकार ने घर घर राशन स्कीम की शुरुआत कर दी है। वहीं दिल्ली में ये स्कीम अभी भी अधर में लटकी है। ऐसे में मंत्री आतिशी मार्लेना ने केंद्र सरकार और दिल्ली के एलजी के निशाने पर लिया है।

आतिशी ने कहा, दिल्ली में आज भी लोग राशन के लिए धक्के खाने को मजबूर हैं। जो भी एक्टिविस्ट राशन माफिया के खिलाफ आवाज उठाता है, उस पर हमला हो जाता है। इसलिए दिल्ली सरकार घर घर राशन स्कीम लाई थी, जिस तरह Zomato,Amazon से ऑनलाइन ऑर्डर करने पर सामान आपके घर पहुंच जाता है, वैसे इस स्कीम के जरिए भी घर- घर राशन पहुंचाया जाएगा। लेकिन LG के माध्यम से केंद्र सरकार इस योजना को लागू नहीं होने दे रही है।
दिल्ली सरकार में कैबिनेट मंत्री आतिशी ने कहा कि हर राशन कार्ड धारक यह भी जानता है कि चार किलो चावल, एक किलो आटा और एक किलो चीनी लेने में उनको कितनी दिक्कतें आती हैं? हर महीने जब एक गरीब परिवार अपना राशन लेने राशन की दुकान पर जाता है तो उसे कई बार राशन की दुकान बंद मिलती है, कई बार उसको लंबी लाइन में लगना पड़ता है।
हालांकि सीएम अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार लोगों को राशन देने के लिए सरकार पूरी व्यवस्था बना रही है। हर गरीब के पास राशन कार्ड होता है। उस राशन कार्ड के जरिए गेहूं, चावल और चीनी मिलती है। सरकार या केंद्र सरकार गरीबों को राशन इसलिए देती है, क्योंकि सरकारों का मानना है कि खाने पर सबका अधिकार है, देश में कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं होना चाहिए, जो रात में भूखा सोए या खाना न होने की वजह से उसकी मृत्यु हो जाए।
आतिशी ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार की कोई भी ऐसी योजना बर्दाश्त नहीं होती है। घर घर राशन स्कीम 2021 में नोटिफाई किया गया। दिल्ली सरकार की हर संभव कोशिश के बावजूद आज भी दिल्ली वालों को राशन की दुकानों के सामने धक्के खाने पड़ते हैं, बार-बार लाइनों में लगना पड़ता है, राशन दुकान वालों की बदतमीजी सहनी पड़ती है। मंत्री आतिशी ने कहा कि केंद्र सरकार और उनके नुमाइंदे एलजी साहब इस स्कीम को दिल्ली में लागू होने देना नहीं चाहते।












Click it and Unblock the Notifications