'न्यायपालिका पर उंगली उठाना बंद करें', केजरीवाल की जज बदलने वाली अर्जी पर भड़कीं दिल्ली CM रेखा गुप्ता
Rekha Gupta On Arvind Kejriwal: दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है। शराब नीति मामले में फंसे आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल को दिल्ली हाई कोर्ट से करारा झटका लगा है। कोर्ट ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को केस से हटाने वाली केजरीवाल की अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है और उनकी राजनीति को 'डर और ड्रामे' का खेल करार दिया है।

दबाव की राजनीति नहीं चलेगी: CM रेखा गुप्ता
दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह फैसला ऐतिहासिक और न्यायपालिका की मजबूती का प्रतीक है। उन्होंने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह झूठ और ड्रामेबाजी के लिए मशहूर हैं।
रेखा गुप्ता के मुताबिक जब भी फैसला केजरीवाल के पक्ष में आता है, तो वह खुद को ईमानदार बताने लगते हैं, लेकिन जैसे ही प्रतिकूल फैसले की आहट मिलती है, वह पूरी न्यायपालिका पर ही सवाल खड़े करने लगते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि जजों पर दबाव बनाने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी और सच्चाई जल्द ही सबके सामने आएगी।
जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा का दोटूक जवाब
केजरीवाल ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि जस्टिस शर्मा कुछ विशेष कार्यक्रमों में शामिल होती हैं, इसलिए उन्हें इस केस की सुनवाई से अलग हो जाना चाहिए। इस पर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए याचिका खारिज कर दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी शपथ संविधान के प्रति है और वह किसी भी तरह के बाहरी दबाव में नहीं आएंगी। कोर्ट के इस रुख ने यह संदेश दे दिया है कि अदालती कार्यवाही किसी व्यक्ति की पसंद या नापसंद से तय नहीं होती।
इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। जहां एक तरफ भाजपा और सरकार इस फैसले को सही ठहरा रही है, वहीं विपक्ष के कुछ नेता इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं। आरजेडी सांसद मनोज झा ने भी इस फैसले को लेकर चिंता जताई और इसे न्यायपालिका के लिए अच्छा संकेत नहीं बताया।












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