Delhi Chunav 2025: दिल्ली में बुधवार को ही क्यों करवाया जा रहा मतदान,क्या महाराष्ट्र से मिली सीख?
Delhi Chunav 2025: दिल्ली में हर बार की तरह ही इस बार भी सभी 70 सीटों पर एक ही चरण में मतदान होगा। इसके लिए मंगलवार को चुनाव आयोग ने 5 फरवरी की तारीख तय की है जो कि बुधवार है। वोटों की गिनती का काम 8 फरवरी यानी शनिवार को होगा और उसी दिन सारे परिणाम घोषित हो जाने की संभावना है और यह भी तय हो जाएगा कि दिल्ली गद्दी पर आगे कौन बैठेगा?
चुनाव तारीखों और कार्यक्रमों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार ने कहा कि महाराष्ट्र की तरह दिल्ली विधानसभा चुनाव भी बुधवार को करवाया जा रहा है।

Delhi Chunav 2025: महाराष्ट्र विधानसभा की तरह रखा बुधवार को मतदान
चुनाव तारीखों की घोषणा करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा,'5 तारीख हमने फिर से बहुत सोच समझकर रखा है-बुधवार। क्योंकि, हम सोचते हैं कि सब दिल्ली वाले वोट करें। इसलिए इस बार भी महाराष्ट्र की तरह हमने इसको वेडनसडे में रखा है...मतगणना के बाद पूरी प्रक्रिया 10 तारीख तक पूरी कर ली जाएगी।'
Delhi Chunav 2025: बुधवार के आगे पीछे छुट्टी का कोई दिन नहीं
दरअसल, बुधवार को मतदान होने का मतलब है कि उसके आगे पीछे छुट्टी का कोई दिन नहीं है और इसकी वजह से सभी मतदाताओं के मताधिकार करने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। हाल के कई चुनावों में देखा गया है कि मतदान में हिस्सा लेने वाले शहरी और ग्रामीण मतदाताओं में बहुत ज्यादा गैप रहता है।
लगभग, हर राज्य में सभी तरह के चुनावों में यह देखा जाता है कि अगर छुट्टियों का मौका मिल जाता है तो शहरी वोटर मतदान वाले दिन अपना शहर छोड़कर कहीं घूमने-फिरने निकल जाते हैं। हाल के वर्षों में आईटी हब के रूप में उभर रहे हैदराबाद इसका सबसे बड़ा उदाहरण बन चुका है।
Delhi Chunav 2025: शहरी वोटरों की मतदान के प्रति उदासीनता पर क्या कहते हैं आंकड़े?
कुछ दिन पहले ही चुनाव आयोग ने 2024 के लोकसभा चुनावों के आसपास के कुछ आंकड़े जारी किए हैं। इसमें देश के करीब 25 शहरों को चुना गया है। मसलन, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को ही लें तो राज्य में औसत मतदान अगर 57% हुआ तो राजधानी लखनऊ में मात्र 52.45% वोटर वोट देने पहुंचे।
इसी तरह पूरे बिहार में औसतन मतदान 56.28% रहा तो पटना साहिब में सिर्फ 46.87% वोटर वोट डालने पहुंचे। अभी हमने हैदराबाद की बात की। यहां तेलंगाना में औसत 66.3% वोट पड़ा तो हैदराबाद में सिर्फ 48.79% मतदाताओं ने लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लिया।
इसी तरह से महाराष्ट्र में औसत मतदान प्रतिशत 61.52 रहा तो मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट पर मात्र 50.33% मतदान दर्ज हुआ, जो राज्य में सबसे कम है। जबकि, यह मायानगरी का सबसे हाई-प्रोफाइल इलाका माना जाता है।
Delhi Chunav 2025: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से बढ़ने लगी उम्मीद
2024 के नवंबर में महाराष्ट्र में जो विधानसभा चुनाव करवाए गए हैं, उसकी तारीख जानबूझकर बुधवार को रखी गई थी। लेकिन, फिर भी राज्य में जिन तीन सीटों पर 50% से कम मतदान हुआ, उनमें दो सीटें मुंबई की 36 विधानसभा सीटों में ही शामिल थीं- मुंबादेवी और कोलाबा। यह दोनों सीटें मुंबई दक्षिण लोकसभा सीट का ही हिस्सा हैं। लेकिन, आयोग की बातों से लगता है कि नई व्यवस्था से फर्क जरूर पड़ रहा है।
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चुनाव आयोग ने काफी सोच-समझकर फिर एक बार दिल्ली में बुधवार के दिन मतदान करवाने का फैसला किया है और उम्मीद है कि उसे इस बेहतर पहल में अच्छी सफलता मिले। दिल्ली में पिछली बार (2020) ईवीएम में 62.55% वोटिंग हुई थी।
VIDEO | Delhi Assembly Election 2025 Schedule: "Its a single-phase election. Date of notification will be January 10. Last date of making nomination will be January 17, scrutiny on January 18 and withdrawal of nomination on January 20. Date of poll is February 5 and counting… pic.twitter.com/IQroK4ijz6
— Press Trust of India (@PTI_News) January 7, 2025












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