Delhi Chunav 2025: किसके कहने पर AAP पर सॉफ्ट हुई कांग्रेस, क्या दिल्ली चुनाव में फूटने वाला है कोई सियासी बम?
Delhi Chunav 2025: दिल्ली चुनाव को लेकर कांग्रेस अब काफी असमंजस में दिख रही है। पार्टी ने जिस तेजी के साथ 48 सीटों पर अपने उम्मीदवारों की घोषणा की, बाकी सीटों पर ऐसा करने में वह बहुत देर कर चुकी है। इस बीच हुआ यही है कि इंडिया ब्लॉक में शामिल दलों ने दिल्ली में पार्टी के प्रति पूरी तरह से बेरुखी दिखा दी है। वनइंडिया को सूत्रों से पता चला है कि कांग्रेस की इस ढीली रणनीति से नाराज होकर पार्टी के एक बड़े नेता भाजपा नेताओं से संपर्क में जुट गए हैं।
समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस खुलकर आम आदमी पार्टी का सपोर्ट कर चुकी हैं और इसके लिए आप सुप्रीमो उन्हें सराह भी चुके हैं। वहीं उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) की ओर से भी दिल्ली चुनाव में आप को समर्थन देने की बात कह दी गई है। अब इसमें डीएमके का भी नाम सामने आ रहा है।

Delhi Chunav 2025: इंडिया ब्लॉक की वजह से पूरी तरह से दबाव में आ चुकी है कांग्रेस?
माना जा रहा है कि इंडिया ब्लॉक के दबाव में ही आप के खिलाफ कांग्रेस की शुरुआती आक्रमकता में पूरी तरह कमी दिखाई दे रही है और आप ने भी अब कांग्रेस की जगह मूल रूप से नई दिल्ली से पार्टी उम्मीदवार संदीप दीक्षित को ही निशाना बनाने की रणनीति अपना ली है।
Delhi Chunav 2025: किसके कहने पर 'आप' पर सॉफ्ट हुई कांग्रेस?
पहले महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने भी यह संकेत दिया था कि 'दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने अच्छा काम किया है और उनकी जीत होनी चाहिए।' हालांकि, बाद में उन्होंने अपना टोन डाउन करते हुए सफाई दी कि, उनके बयान को गलत तरीके से लिया गया। अब उन्होंने एक्स पर लिखा है, 'अगर इंडिया गठबंधन मिलकर लड़ता तो गठबंधन की जीत पक्की हो जाती।'
खबरें हैं कि कांग्रेस ने शुरू में आम आदमी पार्टी और उसके मुखिया अरविंद केजरीवाल के खिलाफ जो आक्रामकता दिखानी शुरू की थी, उसपर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके सुप्रीमो एमके स्टालिन के दखल पर रोक लगा दी गई। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक स्टालिन के दबाव में कांग्रेस के कोषाध्यक्ष और दिग्गज नेता अजय माकन को केजरीवाल को लेकर अपनी प्रेस कांफ्रेंस तक आखिरी वक्त में रद्द करनी पड़ गई।
Delhi Chunav 2025: अजय माकन क्यों करने वाले थे प्रेस कांफ्रेंस?
दिल्ली चुनाव को लेकर शुरू में कांग्रेस की ओर से आप के खिलाफ आक्रमकता की अगुवाई अजय माकन और संदीप दीक्षित दोनों कर रहे थे। लेकिन, माकन ने एक प्रेस कांफ्रेंस में केजरीवाल को उनकी ओर से महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना की घोषणा को संबंधित विभागों की ओर से फर्जी बताए जाने के बाद उन्हें 'फर्जीवाल' कहकर संबोधित किया था।
यही नहीं, माकन ने केजरीवाल को 'राष्ट्रद्रोही' भी कहा था और इसको लेकर सबूत देने के लिए ही प्रेस कांफ्रेंस बुलाई थी, जिसे कथित रूप से स्टालिन के कांग्रेस आलाकमान पर दबाव डालने की वजह से रद्द किए जाने की खबरें आई हैं।
Delhi Chunav 2025: क्या दिल्ली चुनाव में कांग्रेस के भीतर फूटने वाला है कोई सियासी बम?
उसके बाद से माकन दिल्ली चुनाव को लेकर पूरी तरह से साइलेंट नजर आ रहे हैं। सिर्फ संदीप दीक्षित ही आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर लग रहे घोटाले और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर हमलावर हैं और आमतौर पर दिल्ली कांग्रेस के नेताओं में भी पहले वाली आक्रमकता नजर नहीं आ रही है।
माकन अभी राज्यसभा सदस्य हैं। वह कांग्रेस के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हैं और 6 बार के विधायक और सांसद हैं। वह केंद्र के साथ-साथ दिल्ली कैबिनेट में भी मंत्री रह चुके हैं और दिल्ली विधानसभा के स्पीकर की भूमिका भी निभा चुके हैं।
कांग्रेस के अंदर मचे इसी घमासान के बीच बीजेपी के एक भरोसेमंद सूत्र ने वनइंडिया से खास बातचीत में कहा है कि कांग्रेस के बहुत बड़े नेता बीजेपी से लगातार संपर्क में हैं, जो कि दिल्ली चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति से नाराज हो गए हैं।
Delhi Chunav 2025: आम आदमी पार्टी ने भी कांग्रेस के खिलाफ सॉफ्ट किया स्टैंड?
जबतक दिल्ली कांग्रेस आम आदमी पार्टी और केजरीवाल के खिलाफ बहुत ज्यादा हमलावर थी, पार्टी के नेता कांग्रेस पर तरह-तरह के आरोप लगा रहे थे। बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के नेताओं पर दिल्ली चुनाव के लिए बीजेपी से पैसे लेने के आरोप लगाए जा रहे थे।
माकन ने जब केजरीवाल पर 'राष्ट्रद्रोही' वाला गंभीर आरोप लगाया था तो मुख्यमंत्री आतिशी मार्लेना और सांसद संजय सिंह ने 24 घंटे में उनपर कार्रवाई का अल्टीमेटम तक कांग्रेस को दे दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर कांग्रेस ने माकन पर कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस को इंडिया ब्लॉक से निकालने की पहल करेंगे।
लेकिन, गुरुवार को जब केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस किया तो उन्होंने पूरी कांग्रेस के बजाए संदीप दीक्षित पर ही ज्यादा निशाना साधने की कोशिश की । उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 'बीजेपी का मोहरा' बताया।












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