Delhi Assembly में बड़ी सुरक्षा चूक! बैरियर तोड़कर जबरन घुसी कार, 2001 के संसद हमले की यादें हुई ताजा
Delhi Assembly Security Breach: देश की राजधानी दिल्ली के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में से एक, दिल्ली विधानसभा परिसर में सोमवार, 6 अप्रैल को उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक संदिग्ध कार ने सुरक्षा घेरे को धता बताते हुए जबरन अंदर घुसने की कोशिश की।
तेज रफ्तार कार ने सुरक्षा बैरियरों को टक्कर मारी और सुरक्षाकर्मियों की चेतावनी को अनसुना कर दिया। इस घटना ने एक पल के लिए 13 दिसंबर 2001 को हुए संसद हमले (Parliament Attack) की खौफनाक यादें ताजा कर दीं।

लोहे का गेट तोड़कर अंदर घुसी कार, आखिर कैसे हुई इतना बड़ा हादसा ?
दिल्ली पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार, 6 अप्रैल की दोपहर एक संदिग्ध कार अचानक विधानसभा के गेट नंबर 2 की ओर बढ़ी। वहां तैनात CRPF (केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल) के जवानों ने कार को रुकने का इशारा किया, लेकिन चालक ने रुकने के बजाय गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी। कार ने इतनी जोरदार टक्कर मारी कि सुरक्षा के लिए लगा लोहे का गेट टूट गया।
परिसर के भीतर दाखिल होने के बाद चालक ने एक बेहद अजीब हरकत की। उसने वहां एक फूलों का गुलदस्ता (Bouquet) रखा और फिर तेजी से गाड़ी लेकर परिसर से बाहर निकल गया। इस रहस्यमयी व्यवहार ने सुरक्षा एजेंसियों को उलझा दिया है।
वहां मौजूद दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने तुरंत मोर्चा संभाला। सुरक्षा घेरा टूटते ही परिसर के भीतर 'इमरजेंसी अलार्म' बज उठा। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की बात नहीं है। हम मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और और अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।
संसद हमले की यादें हुई ताजा
जैसे ही यह खबर फैली, दिल्ली के गलियारों में 2001 के उस काले दिन की चर्चा शुरू हो गई जब आतंकियों ने सफेद एंबेसडर कार के जरिए संसद परिसर में घुसकर लोकतंत्र के मंदिर को निशाना बनाया था। विधानसभा जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की 'फोर्सफुल एंट्री' (जबरन प्रवेश) ने सुरक्षा एजेंसियों के माथे पर बल ला दिए हैं। सुरक्षा एक्सपर्ट्स का कहना है कि विधानसभा के भीतर मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों की मौजूदगी के समय ऐसी चूक किसी बड़ी साजिश का हिस्सा भी हो सकती है।
जांच के अहम बिंदु: क्या यह कोई हादसा है या साजिश?
पुलिस अब कई कोणों से इस मामले की तफ्तीश कर रही है। घटना के तुरंत बाद बम निरोधक दस्ते और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर की सघन तलाशी ली। दिल्ली पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने पुष्टि की है कि सुरक्षा जांच के दौरान कार या छोड़े गए गुलदस्ते से कोई भी विस्फोटक या बम जैसी संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है।
आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि उससे इस घटना के पीछे की मंशा का पता लगाया जा सके। फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है, लेकिन विधानसभा जैसे अति-संवेदनशील क्षेत्र में हुई इस सेंधमारी ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दिल्ली, खासकर सिविल लाइंस और कश्मीरी गेट के इलाकों में सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया गया है। क्या ड्राइवर नशे में था, या वह मानसिक रूप से विक्षिप्त था, या फिर यह किसी आतंकी मॉड्यूल का 'रेकी' (Recce) करने का तरीका था?
सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई
विधानसभा परिसर के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल (Extra Force) तैनात कर दिया गया है। प्रवेश द्वारों पर अब वाहनों की सघन तलाशी ली जा रही है। विधानसभा सत्र या किसी भी महत्वपूर्ण बैठक से पहले इस तरह की घटना ने दिल्ली पुलिस की 'क्विक रिस्पांस टीम' (QRT) को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।












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