दिल्ली में हवा की क्वालिटी सबसे खराब स्तर पर: प्रदूषण बोर्ड ने कहा- आपात स्थिति के लिए रहें तैयार, बाहर ना जाए
दिल्ली में हवा की क्वालिटी सबसे खराब स्तर पर: प्रदूषण बोर्ड ने कहा- आपात स्थिति के लिए रहें तैयार, बाहर ना जाएं
नई दिल्ली, 13 नवंबर: दिल्ली-एनसीआर में हवा की क्वालिटी सबसे खराब स्तर पर है। नवंबर की शुरुआत से ही दिल्ली के लोग खतरनाक प्रदूषण की मार झेल रहे हैं। दिल्ली इस सीजन में अपने सबसे खराब वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) स्तर पर है। राजधानी दिल्ली की वायु गुणवत्ता आज शनिवार (13 नवंबर) को भी गंभीर श्रेणी में है। वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली (सफर) के मुताबिक राजधानी दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 499 है।इसको लेकर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने दिल्ली में सरकारी और निजी कार्यालयों को अपने वाहनों के उपयोग में कम से कम 30 प्रतिशत की कटौती करने की सलाह दी है। शहर के नागरिकों से कहा गया है कि वे अपनी बाहरी गतिविधियों को सीमित करें और शहर में हवा के संपर्क में आने को कम से कम करें। वहीं प्रदूषण बोर्ड ने किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार रहने की भी बात कही है।

प्रदूषण से बचने के लिए दिल्ली वासियों को दी गई ये सलाह
इसके अलावा संबंधित एजेंसियों को दिल्ली की ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) की 'आपातकालीन' श्रेणी के तहत उपायों को लागू करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहने के लिए कहा गया है। दिल्ली की ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान स्थिति की गंभीरता के अनुसार दिल्ली और इसके आसपास के प्रदूषण विरोधी उपायों का एक सेट है।
दिल्ली में हवा की गुणवत्ता में गिरावट को रोकने के लिए शुक्रवार (12 नवंबर) को ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के क्रियान्वयन पर एक बैठक हुई थी। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) पर एक उप-समिति ने कार्यालयों से वाहनों के उपयोग को सीमित करने, नागरिकों को अपनी बाहरी गतिविधियों और एजेंसियों को युद्ध स्तर पर खुद को तैयार करने के लिए कहा है। समिति ने सुझाव दिया कि लोग घर से काम करें, कारपूल करें और वाहनों के उपयोग में कटौती करने के लिए क्षेत्र की गतिविधियों का अनुकूलन करें।
बैठक में यह भी चर्चा की गई कि वर्तमान मौसम की स्थिति प्रदूषकों के फैलाव के लिए अत्यधिक प्रतिकूल है और पराली जलाने की घटनाएं अधिक रहने की संभावना है। शुक्रवार को यह फैसला लिया गया कि वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 'गंभीर' उपाय किए जाएंगे और उसे सख्ती से जारी किया जाएगा।

दिल्ली में हवा सबसे खराब स्तर पर, 499 पर है AQI
राष्ट्रीय राजधानी में धुंध और धुंध की मोटी चादर के बीच दिल्लीवासियों का जीना दुभर हो गया है। दिल्ली की वायु सूचकांक शनिवार को भी गंभीर श्रेणी में बना हुआ है।वायु गुणवत्ता और मौसम पूर्वानुमान और अनुसंधान प्रणाली के अनुसार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक शनिवार को 499 पर है।
शुक्रवार शाम 4 बजे तक दिल्ली ने अपना 24 घंटे का औसत AQI 471 दर्ज किया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे खराब है। फरीदाबाद (460), गाजियाबाद (486), ग्रेटर नोएडा (478), गुरुग्राम (448) और नोएडा (488) में भी शाम 4 बजे गंभीर वायु गुणवत्ता दर्ज की गई।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के अनुसार, रात में, शहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) लगभग 499 पर 'गंभीर से परे' स्तर पर पहुंच गया। नोएडा में, उसी समय AQI 772 था।

आखिर दिल्ली में क्यों बढ़ रहा है इतना प्रदूषण
प्रदूषण बोर्ड के अनुसार, दिल्ली में खराब वायु गुणवत्ता के लिए आसपास के राज्यों में पराली का जलना एक अहम कारण है। इसके अलावा प्रतिकूल मौसम संबंधी परिस्थितियां प्रमुख रूप से जिम्मेदार हैं। शुक्रवार को दिल्ली के प्रदूषण में 35 प्रतिशत भागिदारी 4000 से ज्यादा खेतों में लगाई गई आग थी। इस बीच, जीआरएपी उप-समिति ने कहा कि मौसम संबंधी स्थितियां - तापमान और हवा की गति में गिरावट 18 नवंबर तक प्रदूषकों के फैलाव के लिए अत्यधिक प्रतिकूल होगी।












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