Delhi AQI: स्मॉग की चादर में कैद दिल्ली!बच्चों-बुजुर्गों के लिए खतरे की घंटी,डॉक्टरों ने क्या दी सख्त चेतावनी
Delhi Air Pollution: राजधानी दिल्ली ने इस साल का अब तक का सबसे प्रदूषित रविवार (18 जनवरी) देखा। हालात इतने खराब रहे कि कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI घंटों तक 'Severe-Plus' श्रेणी में बना रहा। यह 2016 के बाद जनवरी महीने का चौथा सबसे प्रदूषित दिन भी दर्ज किया गया। स्मॉग की मोटी परत के कारण दिन भर आंखों में जलन, सांस लेने में तकलीफ और सिर दर्द जैसी समस्याएं आम रहीं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक पूरे दिन दिल्ली का औसत AQI 440 रहा, जो सीधे 'गंभीर' श्रेणी में आता है। दिल्ली के साथ एनसीआर के कई शहरों की हवा भी खराब रही। गाजियाबाद में AQI 458, नोएडा में 430 और ग्रेटर नोएडा में 402 दर्ज किया गया। गुरुग्राम का AQI 378 और फरीदाबाद का 247 रहा, जो बाकी इलाकों की तुलना में कुछ बेहतर था, लेकिन फिर भी स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित नहीं कहा जा सकता।

क्यों बिगड़ी दिल्ली हवा?
पूर्व सीपीसीबी अधिकारी दीपांकर साहा के मुताबिक स्थानीय उत्सर्जन और प्रतिकूल मौसम ने हालात बिगाड़े। हवा की रफ्तार बेहद कम रही, जिससे प्रदूषक फैल नहीं पाए और वातावरण में जमा होते चले गए। जब हवा का वेंटिलेशन नहीं होता, तो प्रदूषण लंबे समय तक टिका रहता है और यह स्थिति बच्चों और बुजुर्गों के लिए खास तौर पर जहरीली होती है।
32 स्टेशन 'गंभीर', 19 जगह मेडिकल इमरजेंसी
राजधानी के 37 एयर मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 32 पर प्रदूषण 'गंभीर' स्तर पर दर्ज किया गया। इनमें से 19 जगह हालात मेडिकल इमरजेंसी जैसे रहे। आनंद विहार का AQI 478, अशोक विहार 481, बवाना 483, रोहिणी 483, मुंडका 483, वजीरपुर 475 और चांदनी चौक 472 रहा। आईटीओ, पटपड़गंज, आरके पुरम और सोनिया विहार जैसे इलाकों में भी हवा सांस लेने लायक नहीं रही। सबसे कम AQI 356 अयानगर में दर्ज किया गया।
रात में PM2.5 ने डराया
प्रदूषण का सबसे खतरनाक चेहरा रात के समय सामने आया। आनंद विहार में रात एक बजे PM2.5 का स्तर 890 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर तक पहुंच गया। यह राष्ट्रीय मानक से करीब 15 गुना और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से 59 गुना ज्यादा है। नेहरू नगर में शनिवार रात PM2.5 का स्तर 952 माइक्रोग्राम तक रिकॉर्ड किया गया। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह स्तर लंबे समय तक रहने पर बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
बच्चों और बुजुर्गों पर सबसे ज्यादा असर
डॉक्टरों के मुताबिक, प्रदूषित हवा का सबसे बड़ा खतरा बच्चों और बुजुर्गों को है। बच्चों के फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं होते, ऐसे में जहरीले कण उनके श्वसन तंत्र को तेजी से नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं बुजुर्गों में पहले से मौजूद अस्थमा, हृदय रोग और फेफड़ों की बीमारियां इस हालात में और गंभीर हो सकती हैं। अस्पतालों में सांस की दिक्कत, आंखों में जलन, खांसी और सीने में जकड़न की शिकायत लेकर आने वाले मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
क्या कहते हैं डॉक्टर और एक्सपर्ट?
दिल्ली के एक वरिष्ठ चेस्ट फिजिशियन डॉ. अमित वर्मा बताते हैं कि स्मॉग के दौरान हवा में मौजूद PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण सीधे फेफड़ों में जाकर सूजन पैदा करते हैं। उनका कहना है कि जब हवा की गति कम होती है और नमी ज्यादा रहती है, तो ये कण वातावरण में ही फंसे रहते हैं। ऐसी हवा में लंबे समय तक सांस लेना बेहद खतरनाक हो सकता है। डॉक्टरों की सलाह है कि बच्चों और बुजुर्गों को गैर जरूरी तौर पर बाहर निकलने से बचाना चाहिए और घर के अंदर भी हवा को साफ रखने के उपाय करने चाहिए।
रोजमर्रा की जिंदगी पर असर
स्मॉग की वजह से सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चों को मास्क पहनकर निकलना पड़ रहा है। कई लोग सुबह की सैर छोड़ने को मजबूर हैं। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को आंखों में जलन और सिरदर्द की शिकायत हो रही है। ट्रैफिक में विजिबिलिटी कम होने से दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक मौसम में बदलाव नहीं आता, तब तक सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है। मास्क का इस्तेमाल करें, घर में एयर प्यूरीफायर या वेंटिलेशन का ध्यान रखें और बच्चों को खुले में खेलने से रोकें। साथ ही, सरकार और समाज दोनों स्तर पर प्रदूषण कम करने के ठोस कदम जरूरी हैं। वरना स्मॉग की यह चादर दिल्लीवालों की सेहत पर भारी पड़ती रहेगी।
आगे क्या राहत मिलेगी
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, सोमवार को प्रदूषण में कुछ कमी आ सकती है और AQI 'बेहद खराब' स्तर तक नीचे आ सकता है। हालांकि विशेषज्ञ साफ कह रहे हैं कि जब तक हवा की गति नहीं बढ़ती और स्थानीय उत्सर्जन पर सख्ती नहीं होती, तब तक दिल्ली को इस जहर से पूरी राहत मिलना मुश्किल है। ऐसे में लोगों को गैर जरूरी बाहर निकलने से बचने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी जा रही है।
-
Ravindra Kaushik Wife: भारत का वो जासूस, जिसने PAK सेना के अफसर की बेटी से लड़ाया इश्क, Viral फोटो का सच क्या? -
Iran Vs America: ईरान की 'सीक्रेट मिसाइल' या सत्ता जाने का डर, अचानक ट्रंप ने क्यों किया सरेंडर -
US Iran War: 5 दिन के सीजफायर की बात, 10 मिनट में Trump का पोस्ट गायब! ईरान ने कहा- 'हमारे डर से लिया फैसला’ -
Iran War Impact: क्या महंगे होंगे पेट्रोल-डीजल और LPG सिलेंडर? संसद में PM मोदी ने दिया बड़ा अपडेट -
Bangalore Gold Silver Rate Today : सोना-चांदी धड़ाम, बैंगलोर में कहां पहुंचा ताजा भाव? -
US Iran War: ईरान ने की Trump की घनघोर बेइज्जती, मिसाइल पर फोटो, लिखी ऐसी बात कि लगेगी मिर्ची- Video -
LPG Crisis: 14.2 किलो के सिलेंडर में अब सिर्फ इतनी KG ही मिलेगी गैस! LPG किल्लत के बीच सरकार ले सकती है फैसला -
Petrol Shortage In Ahmedabad: अहमदाबाद में पेट्रोल पंप पर लगी लंबी लाइन, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट -
Ravindra Kaushik कौन थे? Dhurandhar क्यों कहलाए? Pakistan में कैसे मेजर बना भारत का जासूस? जेल में गुमनाम मौत -
PM Modi Speech Highlights: संसद में गरजे PM मोदी, Hormuz Strait पर दिया बड़ा बयान, भारत का बताया प्लान -
West Bengal Election 2026: बंगाल की ये 7 सीटें बना सकती हैं नया CM! जहां हार-जीत का अंतर 1000 वोट से भी था कम -
Anjali Arora Net Worth: 'काचा बादाम गर्ल' ने शुरू किया ये बिजनेस, कैसे छापेंगी नोट? कितनी संपत्ति की मालकिन?












Click it and Unblock the Notifications