भड़काऊ नारेबाजी मामले में अश्विनी उपाध्याय को राहत, दिल्ली की कोर्ट से मिली जमानत
नई दिल्ली, 11 अगस्त: जंतर-मंतर पर भड़काऊ नारेबाजी मामले में दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को बीजेपी प्रवक्ता अश्विनी उपाध्याय समेत 6 लोगों को हिरासत में लिया था। इसके एक दिन बाद यानी बुधवार को उपाध्याय को दिल्ली में एक कोर्ट से बड़ी राहत मिली, जहां उनकी जमानत की मांग को मंजूर कर लिया गया। सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ धार्मिक दुश्मनी को बढ़ावा देने, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण अधिनियम की धारा 51 और कोविड प्रोटोकॉल उल्लंघन के तहत मामला दर्ज किया गया है।

दरअसल 8 अगस्त को सेव इंडिया फाउंडेशन के तहत जंतर-मंतर पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। वैसे तो इसमें सिर्फ 50 लोगों को अनुमति दी गई थी, लेकिन वहां पर काफी ज्यादा भीड़ इकट्ठा हो गई। इसके बाद समुदाय विशेष के खिलाफ नारेबाजी हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को पुलिस ने अश्विनी उपाध्याय, विनोद शर्मा, दीपक सिंह, विनीत क्रांति, प्रीत सिंह और दीपक को हिरासत में लिया था।
पेशे से वकील अश्वनी उपाध्याय ने मंगलवार को सफाई देते हुए कहा कि जब तक मैं जंतर-मंतर पर था, वहां पर किसी भी तरह की कोई भी नारेबाजी नहीं हुई थी। जिस बारे में बात की जा रही है, उसके बारे में मुझे कुछ पता नहीं है। उन्होंने कहा कि मैं खुद पुलिस से अपील करता हूं कि इस तरह नारेबाजी करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाए। वहीं गिरफ्तारी से पहले उन्होंने ट्वीट कर लिखा था कि कभी सोचा नहीं था कि अंग्रेजी कानूनों को खत्म करने और समान संहिता लागू करने की मांग करने के कारण सेक्युलर इतने नाराज हो जाएंगे, जंतर-मंतर पर एक व्यक्ति ने फांसी लगाया था, क्या उसके लिए केजरीवाल से पूछताछ हुई थी, वीडियो में शामिल लोगों से न तो मैं कभी मिला और न तो कभी उन्हें देखा।












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