Congress-AAP Alliance: दिल्ली में बन गई कांग्रेस-आप की बात, सीटों के बंटवारे पर लगी मुहर, तय हुआ यह फॉर्मूला
Congress-AAP Alliance: आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा लगभग तय हो गया है। माना जा रहा है कि दोनों पार्टियों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति बन गई है। सूत्रों के मुताबिक आज या कल में सीटों के बंटवारे का आधिकारिक ऐलान किया जा सकता है।
दिल्ली में 3-4 का फॉर्मूला
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस पार्टी दिल्ली में तीन सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए राजी हो गई है जबकि चार सीटों को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी के लिए छोड़ दिया गया है। इसके साथ ही कांग्रेस गुजरात में भावनगर और भरूच की दोनों सीटें आम आदमी पार्टी के लिए छोड़ सकती है।

गुजरात में अहमद पटेल की सीट मिली
गुजरात की भरूच लोकसभा सीट कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल का गढ़ मानी जाती है, ऐसे में इस सीट को लेकर कांग्रेस संवेदात्मक रूप से जुड़ी है। इस सीट पर अहमद पटेल की बेटी सक्रिय रूप से अपनी दावेदारी पेश करने की कोशिश में लगी हैं, ऐसे में पार्टी के इस फैसले के बाद देखने वाली बात होगी की अहमद पटेल का परिवार इसपर कैसी प्रतिक्रिया देता है।
आखिर कैसे बनी बात
दरअसल अरविंद केजरीवाल हरियाणा, असम और गोवा में लोकसभा सीटों की मांग कर रहे थे, ऐसे में माना जा रहा है कि उन्हें इन राज्यों में मनाने के लिए कांग्रेस पार्टी ने गुजरात की दो अहम सीटों को उन्हें देने का फैसला लिया है।
गोवा में समझौता!
आम आदमी पार्टी साउथ गोवा सीट पर की मांग कर रही थी, लेकिन कांग्रेस इस सीट को छोड़ने को तैयार नहीं है। इसकी बड़ी वजह है कि यहां पार्टी का नेता फ्रैंसिस्को सारदिन्हा सांसद हैं, जिन्हे गोवा विधानसभा और संसद दोनों में दिग्गज नेता के तौर पर जाना जाता है।
कांग्रेस के सामने इंडिया गठबंधन को एकजुट रखने की चुनौती
सूत्रों की मानें तो उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के साथ डील के बाद कांग्रेस पार्टी ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को फाइनल किया है। जिस तरह से जदयू के नीतीश कुमार औऱ आरएलडी ने भाजपा का दामन थामा है, उसके बाद कांग्रेस अन्य दलों को विपक्षी गठबंधन से छिटकने नहीं देना चाहती है। माना जा रहा है कि यही वजह है कि पार्टी ने आम आदमी पार्टी के साथ एक कदम पीछे हटते हुए गठबंधन किया है।
केजरीवाल ने दिए करीबी के संकेत
कांग्रेस और आप के बीच गठबंधन तय होने के संकेत इस बात से भी मिले हैं कि अरविंद केजरीवाल कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी की ओर से आयोजित लंच में हिस्सा लिया था। यहां पर वह मल्लिकार्जुन खड़गे के ठीक बगल में बैठे नजर आए थे।
कांग्रेस का एक धड़ा आप के खिलाफ
हालांकि कांग्रेस के भीतर एक खेमा आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन के पक्ष में नहीं है। उनका मानना है कि दिल्ली में इससे पार्टी की स्थिति कमजोर होगी। लेकिन कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का तर्क है बड़े राजनीतिक लक्ष्य की प्राप्ति के लिए छोटे समझौते करने की जरूरत है।
अन्य राज्यों में भी डल लगभग फाइनल
उत्तर प्रदेश की डील फाइनल होने के बाद दिल्ली में कांग्रेस इंडिया गठबंधन को लेकर लोगों में आत्मविश्वास को मजबूत करना चाहती है। सूत्रों का कहना है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा के साथ झारखंड में सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है।
बंगाल में फंसा है पेंच
महाराष्ट्र, तमिलनाडु, बिहार में भी सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दिया जा रहा है। पश्चिम बंगाल में टीएमसी को अगर छोड़ दें तो तकरीबन सभी दल इंडिया गठबंधन के दलों का गठबंधन होगा। पार्टी के वरिष्ठ नेता का कहना है कि हम बंगाल में भी कोशिश करते रहेंगे।












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