दिल्ली सरकार का इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर शुरू, रियल टाइम डाटा होगा इकट्ठा

नई दिल्ली, मई 16: दिल्ली सरकार की ओर से एनडीएमसी बिल्डिंग में 'इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार द्वारा पालिका केंद्र स्थित एनडीएनसी बिल्डिंग में स्थापित सेंटर का दौरा कर जायजा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेंटर पर कोरोना से संबंधित हर तरह का डेटा वास्तविक समय के आधार पर एकत्र किया जाएगा। यहां अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन, वैक्सीनेशन और कोविड प्रबंधन से संबंधित डेटा को एकत्र कर मिलान और विश्लेषण किया जा सकेगा।

arvind kejriwal

इस दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि अगर सरकार हवा में निर्णय लेगी है, तो वह कभी भी सफल नहीं होंगे, लेकिन वही निर्णय डेटा के आधार पर लेगी तो वह सार्थक और प्रभावशाली होंगे। हम कोरोना की संभावित तीसरी लहर को लेकर तैयार हैं। हमने अभी एक हजार आईसीयू बेड बढ़ाए हैं और आगे भी हमारी तैयारी जारी रहेगी। सीएम ने कहा कि सभी का वैकसीनेशन बहुत जरूरी है। कई देशों का अनुभव बताता है कि बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन करने से कोरोना को कम किया जा सकता है। हमने कोविशील्ड और कोवैक्सीन की 67-67 लाख वैक्सीन मांगी है और लगभग इतनी ही वैक्सीन के लिए स्पूतनिक को भी लिखा है।

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर हमें निर्णय लेने में मदद करेगा

सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा, ''दिल्ली सरकार ने एक एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) शुरू किया है। यहां अस्पतालों, ऑक्सीजन, टीकाकरण और कोविड प्रबंधन के अन्य पहलुओं से संबंधित डेटा को वास्तविक समय के आधार पर एकत्र, मिलान और विश्लेषण किया जाता है। यह हमें निर्णय लेने में मदद करेगा। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज यहां पर कोरोना के प्रबंधन के लिए दिल्ली सरकार का इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर चालू हुआ है। इसमें पूरी दिल्ली से कोरोना से संबंधित किस्म-किस्म का डेटा वास्तविक समय के आधार पर एकत्र किया जाएगा।

सीएम ने कहा कि रियल टाइम का मतलब यह है कि अभी इस वक्त कहां पर क्या चल रहा है, वह इस सेंटर में एकत्र होगा। अगर हम ऑक्सीजन की बात करें, तो इस वक्त किस अस्पताल में कितनी ऑक्सीजन है, कौन सा हमारा ऑक्सीजन का टैंकर निकल चुका है और वह कहां तक पहुंचा है, उसकी जीपीएस से ट्रैकिंग होगी। वहीं, अगर हम अस्पतालों की बात करें, तो इस वक्त किस अस्पताल में कितने बेड खाली हैं, कितने आईसीयू के बेड खाली हैं, कितने ऑक्सीजन के बेड खाली हैं। उसी तरह, कितने लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, कितने लोगों को किस उम्र समूह (एज ग्रुप) में वैक्सीन लग चुकी है। इस सेंटर पर वैक्सीन, ऑक्सीजन और हॉस्पिटल से संबंधित डेटा इकट्ठा होगा। साथ ही किस एरिया में कितने मरीज हैं, कितने एक्टिव मरीज है और कितने मरीज ठीक हो चुके हैं, यह सारा डेटा यहां पर एकत्र होना शुरू हुआ है।

सीएम ने सभी अधिकारियों को दी शुभकामनाएं

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत ही अच्छी शुरुआत है, क्योंकि सरकार अगर हवा में निर्णय लेती है, तो वे निर्णय कभी भी सफल नहीं होंते हैं, लेकिन सरकार अगर वही निर्णय डेटा के आधार पर लेगी, तो वह निर्णय सार्थक और प्रभावशाली होंगे। अभी यह शुरूआत है। हम जैसे-जैसे आगे बढ़ेगे और भी डेटा चारों तरफ से एकत्र करके इसको और मजबूत करेंगे। मैं समझता हूं कि यह आपने आप में बहुत ही अच्छा प्रयास है। जितने भी अधिकारियों ने रात-दिन मेहनत करके इसको सफल बनाया है, उन सबको मैं शुभकामनाएं देना चाहता हूं।

कोरोना के लिए हमारी सारी तैयारी जारी रहेगी

सीएम ने आगे कहा कि इस सेंटर से सभी तरह के अस्पताल शामिल हैं। इसमें कोविड के निजी और सरकारी अस्पताल, कोविड केयर सेंटर समेत सभी छोटे-बड़े अस्पताल शामिल हैं। इंटीग्रेटेड कोविड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में एकत्र डेटा कोविड में लगे सभी अधिकारियों के पास उपलब्ध होगा, जिससे वे समय पर सही निर्णय ले सकेंगे। सीएम ने कोरोना के तीसरी लहर के संबंध में कहा कि हम पूरी तरह से तैयार हैं। अगर हम दूसरी लहर को एक तरह से देखें, तो दिल्ली के अंदर अब केस काफी कम होते जा रहे हैं, लेकिन हमारे प्रयास कम नहीं हो रहे हैं। कल ही हमने एलएनजेपी के सामने 500 आईसीयू बेड चालू किए हैं। तीन दिन पहले भी हमने 500 आईसीयू बेड चालू किए थे। साथ ही हम लोग अभी और नए ऑक्सीजन बेड बनाने जा रहे हैं। हमारे प्रयास किसी भी हालत में कम नहीं होंगे, क्योंकि इस बीमारी का कुछ भी नहीं पता है कि कब यह अपना सिर उठा दे और कब यह कम हो जाए। इसलिए हमारी सारी तैयारी जारी रहेगी।

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केस कम होने के बाद भी कोविड प्रबंधन के लिए बनाए गए कोविड केयर सेंटर समेत सभी तैयारियां आगे भी स्थायी रूप से बनी रहेंगी। साथ ही इनको अभी और सुदृढ़ किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी लोगों का वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है। दूसरे देशों का अनुभव भी यही बताता है। विशेष तौर पर यूके और यूएस आदि के अनुभव से मिल रहा है अगर बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन किया जाए, तो कोरोना को कम किया जा सकता है। हम देख रहे हैं कि केंद्र सरकार भी इसमें पूरी कोशिश कर रही है और राज्य सरकारें भी पूरी कोशिश कर रही हैं। मैं समझता हूं कि जैसे-जैसे वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ेगी, वैसे-वैसे वैक्सीनेशन का कार्यक्रम भी अपनी गति पकड़ेगा।

सीएम ने कहा कि स्पूतनिक कंपनी से संपर्क किया है। डॉ. रेड्डी कंपनी के भारत में डीलर है। हमने डाॅ. रेड्डी को पत्र लिखा है, लेकिन अभी उनकी तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं आया है कि वे कितनी वैक्सीन कब दे सकते हैं? हम लोगों ने कोविशील्ड की 67 लाख, कोवैक्सीन की भी 67 लाख वैक्सीन मांगी है और लगभग इतनी ही स्पूतनिक वैक्सीन के लिए भी लिखा है कि कितनी दे सकते हैं और कब-कब दे सकते हैं।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+