'ऑक्सीजन की कमी से मौत' मामले पर मनीष सिसोदिया ने दिया केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को जवाब
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि राजधानी में ऑक्सीजन की कमी से मौत हुईं या नहीं बिना जांच के इसका पता लगाना मुश्किल है।
नई दिल्ली, 12 अगस्त। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को कहा कि राजधानी में ऑक्सीजन की कमी से मौत हुईं या नहीं बिना जांच के इसका पता लगाना मुश्किल है। सिसोदिया ने आगे कहा कि दिल्ली सरकार ने मौतों की जांच पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया था ताकि प्रभावित परिवारों में से प्रत्येक को 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जा सके, लेकिन दिल्ली के उपराज्यपाल के जरिए केंद्र ने इस समिति के गठन को अनुमिति नहीं थी।

उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम दिल्ली के उपराज्यपाल की मंजूरी के लिए उनके पास फिर से फाइल भेज रहे हैं, हम पूरी जिम्मेदारी के साथ काम करेंगे और जो भी दोषी होगा उसे सजा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बिना जांच के यह पता नहीं लगाया जा सकता ऑक्सीजन की कमी के दौरान दूसरी लहर में कितनी मौतें हुई, इसलिए इसकी जांच होना जरूरी है।
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सिसोदिया ने ऑक्सीजन से हुई मौतों पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पहले कहा कि ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई, फिर जब सवाल उठे तो कहा गया कि हमने राज्यों से डाटा मांगा है। हमने कहा कि हमसे डाटा मांगो तो सही तो पता चला कि कोई चिट्ठी लिखने वाले थे। 13 अगस्त केंद्र सरकार ने डेटा भेजने को कहा था। असली बात ये है कि ऑक्सीजन की वजह से मौत हुई या नहीं हुई। हमने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को चिट्ठी लिखी है और बताया है कि दिल्ली में अब तक कुल 25,000 लोगों की कोरोना के कारण मौत हो चुकी है।
अब बिना जांच के मृत लोगों में यह पता लगाना मुश्किल है कि किसकी मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई और किसकी नहीं। उन्होंने कहा कि यदि कोई यह कहता है कि दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं हुई तो यह मरीजों का मजाक उड़ाना होगा। हमें यह स्वीकार करना चाहिए की ऑक्सीजन की कमी हुई थी और फिर इसकी जांच की जानी चाहिए। हमने एलजी साहब से इसकी जांच के लिए एक कमेटी के गठन की इजाजत मांगी है।












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