दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति गंभीर, अरविंद केजरीवाल ने बुलाई इमरजेंसी मीटिंग
नई दिल्ली, 13 नवंबर: राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण की स्थिति अतिगंभीर हो गई है। शनिवार को सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली में वायु प्रदूषण पर दिल्ली और केंद्र की सरकार के रवैये से नाराजगी जताई है। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली की सरकार को तुरंत इस पर कदम उठाने को कहा है। ऐसे में प्रदूषण के लगातार बिगड़ते हालात को लेकर दिल्ली सरकार ने आपात बैठक बुलाई है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने वायु प्रदूषण से निपटने को लेकर चर्चा के लिए ये इमरजेंसी मीटिंग बुलाई है। बैठक में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, पर्यावरण मंत्री गोपाल राय, दिल्ली के मुख्य सचिव और दूसरे अफसर शामिल होंगे।
दिल्ली को लेकर मौसम विभाग ने बताया कि प्रदूषण गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। पीएम 10 का स्तर और पीएम 2.5 का स्तर इमरजेंसी स्तर को पार कर गया है। एलएनजेपी के एमडी डॉ. सुरेश कुमार ने कहा है कि प्रदूषण का स्तर बड़ी चिंता का विषय है। इससे बुजुर्गों, स्कूल जाने वाले बच्चे, वे मरीज़ जिन्हें सांस की तक़लीफ है या वे मरीज़ जिन्हें पहले कोविड हो चुका है, उनकी समस्या बढ़ गई है। हमारे वार्ड में ऐसे मरीज़ आ रहे हैं जिन्हें सांस लेने में तकलीफ़ हो रही है।
सुप्रीम कोर्ट ने जताई है नाराजगी
दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी आज सुनवाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रदूषण की समस्या को लेकर चिंता जताई और कहा कि तुरंत ही इस पर फैसला लिया जाए। सीजेआई ने कहा कि हमें तत्काल नियंत्रण के उपाय चाहिए, दो दिन के लॉकडाउन की सोचें, आखिर इस हालत में लोग कैसे रहेंगे?
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका में सरकार पर वायु प्रदूषण से निपटने में गंभीरता नहीं दिखाने की बात कही गई है और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग को अदालत की निगरानी में लेने की मांग की गई है। सीजेआई एन वी रमना, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications