'मैं पीएम मोदी को लगाना चाहता हूं गले', मौलाना साजिद रशीदी ने वीडियो में BJP को वोट देने की बात कही
Delhi News: दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए बुधवार 5 फरवरी को मतदान हुआ और तीन पार्टियों (कांग्रेस, बीजेपी और आप) की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई है। इस बीच, ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन (AIIA) के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि मैंने दिल्ली चुनाव में भाजपा को वोट दिया है।
न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मौलाना साजिद रशीदी ने कहा कि मैं एक बार पीएम मोदी को गले लगाना चाहता हूं। जैसे पीएम ने अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति को गले लगाया था। इतना ही नहीं, राशीदी ने कहा कि मुझे धमकियां मिल रही हैं और आरोप लगाया जा रहा है कि मैं भाजपा के हाथों बिक गया हूं... ऐसा कुछ नहीं है।

मौलाना साजिद रशीदी कहते हैं कि मैंने दिल्ली चुनाव में भाजपा को वोट दिया है और अपना वीडियो वायरल किया है क्योंकि भाजपा के नाम पर मुसलमानों में डर पैदा किया जा रहा है और विपक्षी दल कहते हैं कि मुसलमान भाजपा को वोट न दें। मुसलमानों के दिमाग में यह बात बैठा दी गई है कि भाजपा को हराओ, नहीं तो अगर वे सत्ता में आए तो मुसलमानों के अधिकार छीन लिए जाएंगे।
मैंने मुसलमानों के मन से उस डर को निकालने के लिए (भाजपा को) वोट दिया है। अगर दिल्ली में भाजपा की सरकार बनती है तो मैं मुसलमानों को दिखाऊंगा कि मुसलमानों के कौन से अधिकार छीने गए हैं... ऐसा नहीं है कि मैं भाजपा में शामिल हो गया हूं या उनके सामने झुक गया हूं। अगर उनकी कोई नीति मुसलमानों के खिलाफ जाती है तो मैं उसका विरोध करूंगा।
मुझे धमकियां मिल रही हैं और आरोप लगाया जा रहा है कि मैं भाजपा के हाथों बिक गया हूं... ऐसा कुछ नहीं है, मैं भाजपा के किसी नेता से भी नहीं मिला हूं। मेरे खिलाफ मामले दर्ज हैं। मेरा एकमात्र उद्देश्य मुसलमानों के दिल और दिमाग से उस डर को निकालना है। अगर मुसलमान भाजपा को वोट देते हैं तो हम भाजपा को वोट देंगे।
हमारा दावा सही है और अगर भाजपा हमारे खिलाफ कुछ करती है तो हम उसके खिलाफ सवाल उठा सकते हैं। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी हमारे लिए अछूत नहीं है और ना ही हम कांग्रेस या समाजवादी पार्टी के बंधुआ मजदूर हैं। राशीदी ने केजरीवाल से पूछा कि दिल्ली दंगों को लेकर मुसलमानों के लिए क्या किया?
कांग्रेस ने हमरे लिए क्या किया? दिल्ली दंगों के दौरान राहुल गांधी मुस्तफाबाद गए लेकिन वह ताहिर हुसैन के घर नहीं गए। कहा कि सभी राजनीतिक दल मुस्लिमों के साथ एक जैसा बर्ताव करते हैं। ऐसा नहीं है कि कांग्रेस ने मुसलमानों के लिए कुछ ज्यादा ही कर दिया है। कहा कि मैं बस इतना बताना चाहता हूं कि बीजेपी से डरने की जरूरत नहीं है।
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