AI Impact Summit Day 3:भारत का गिनीज रिकॉर्ड, माइक्रोसॉफ्ट का 50 अरब डॉलर का निवेश, AI की ताकत का नया खेल शुरू
AI Impact Summit 2026 Day 3 Highlights News: नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहा India AI Impact Summit 2026 अब अपने तीसरे दिन और भी ज्यादा चर्चा में आ गया है। जब Google की पैरेंट कंपनी Alphabet Inc. के CEO Sundar Pichai ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की, तो यह साफ हो गया कि भारत अब AI की वैश्विक दौड़ में सिर्फ दर्शक नहीं, बल्कि प्रमुख खिलाड़ी बनना चाहता है।
आईटी सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि जबरदस्त प्रतिक्रिया को देखते हुए समिट को एक दिन और बढ़ाकर 21 फरवरी 2026 तक कर दिया गया है। भारत मंडपम के 70,000 वर्ग मीटर में फैले 10 एरेना में दुनियाभर से आए प्रतिनिधि और AI जगत की बड़ी हस्तियां जुटी हुई हैं। हालांकि 19 फरवरी को वीआईपी मूवमेंट के कारण एक्सपो आम लोगों के लिए बंद रहेगा और गुरुवार के सत्र केवल आमंत्रित मेहमानों के लिए होंगे। सभी सत्र ऑनलाइन स्ट्रीम किए जाएंगे।

भारत का गिनीज रिकॉर्ड
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत ने AI जिम्मेदारी अभियान के तहत 24 घंटे में सबसे ज्यादा प्रतिज्ञाएं जुटाकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। 16 से 17 फरवरी के बीच 2,50,946 वैध प्रतिज्ञाएं दर्ज की गईं। यह दिखाता है कि भारत AI को जिम्मेदारी के साथ अपनाने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
PM मोदी की मैराथन कूटनीति
समिट के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नौ द्विपक्षीय बैठकें कीं। स्पेन, फिनलैंड, सर्बिया, क्रोएशिया, एस्टोनिया, कजाखस्तान और भूटान के नेताओं से मुलाकात के साथ उन्होंने वैश्विक उद्योग जगत के शीर्ष अधिकारियों से भी बातचीत की। सुंदर पिचाई के अलावा उन्होंने Sun Microsystems के सह-संस्थापक से भी मुलाकात की। यह साफ संकेत है कि भारत सरकार AI को सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि रणनीतिक ताकत के रूप में देख रही है।
माइक्रोसॉफ्ट का 50 अरब डॉलर का ऐलान
समिट के तीसरे दिन सबसे बड़ा ऐलान Microsoft Corp. की ओर से आया। कंपनी ने 2030 तक 50 अरब डॉलर निवेश कर ग्लोबल साउथ में AI की पहुंच बढ़ाने की योजना पेश की। माइक्रोसॉफ्ट के वाइस चेयरमैन ब्रैड स्मिथ ने कहा कि ग्लोबल नॉर्थ में AI अपनाने की रफ्तार ग्लोबल साउथ से लगभग दोगुनी है और यह अंतर तेजी से बढ़ रहा है। अगर अभी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दशकों में यह डिजिटल खाई और गहरी हो सकती है।
भारत के लिए खास AI मॉडल
बेंगलुरु की स्टार्टअप Sarvam AI ने समिट में दो ऐसे AI मॉडल पेश किए जो खासतौर पर भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं। कंपनी का दावा है कि ये मॉडल 22 भारतीय भाषाओं में वॉयस कमांड पर काम कर सकते हैं। ऐसे देश में जहां बड़ी आबादी अंग्रेजी में पढ़ने-लिखने में सहज नहीं है, यह पहल गेमचेंजर साबित हो सकती है।
गलगोटिया यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई
समिट के बीच एक विवाद भी सामने आया। ग्रेटर नोएडा की Galgotias University को समिट स्थल से हटने के लिए कहा गया। आरोप है कि यूनिवर्सिटी ने एक चीनी रोबोटिक डॉग को अपना प्रोजेक्ट बताकर पेश किया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली।
India AI Impact Summit 2026 का तीसरा दिन यह संदेश देकर गया है कि भारत सिर्फ AI का उपभोक्ता नहीं, बल्कि निर्माता और नियामक की भूमिका में भी उभरना चाहता है। दिल्ली से उठी यह पहल आने वाले वर्षों में वैश्विक टेक संतुलन को नई दिशा दे सकती है।












Click it and Unblock the Notifications