तो अभी बाकी है कमलनाथ की अग्नि परीक्षा, छिंदवाड़ा की अमरवाड़ा विधानसभा सीट बचाना चुनौती
MP Election: मध्य प्रदेश कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। 45 साल पुराने गढ़ छिंदवाड़ा को गंवा चुके कमलनाथ के सामने अब एक और चुनौती है। वह है अमरवाड़ा विधानसभा सीट का उपचुनाव।
दरअसल, अमरवाड़ा विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक कमलेश शाह ने बीजेपी का दामन थाम लिया था। पिछले ही दिनों में चुनाव आयोग ने इस सीट पर उपचुनाव का ऐलान कर दिया है।

छिंदवाड़ा सांसद विवेक बंटी साहू ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात की थी। इसी दौरान उनके साथ अमरवाड़ा विधायक कमलेश शाह भी मौजूद थे। इस मुलाकात के बाद ऐसी चर्चा है कि बीजेपी लोकसभा चुनाव की तरह ही ग्राउंड लेवल पर ज्यादा फोकस करेगी।
लोकसभा चुनाव 2024 में करारी हार के बाद कमलनाथ के पास बदला लेने का एक और अवसर है। कमलनाथ ने अमरवाड़ा सीट को लेकर एक्टिव मोड पर आ गए हैं। कांग्रेस और कमलनाथ अमरवाड़ा सीट पर उम्मीदवार की तलाश में जुटे हुए हैं।
कमलेश शाह के बीजेपी जॉइन करने और विधायक पद से इस्तीफा देने की वजह से यहां उपचुनाव हो रहा है। तारीखों का ऐलान हो चुका है। 10 जुलाई को वोट डाले जाएंगे और 13 जुलाई को नतीजे आएंगे। कमलेश प्रताप शाह को भाजपा ने प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
बीजेपी की भी कोशिश होगी कि उपचुनाव जीतकर वो कमलनाथ को एक और झटका दे। दूसरी तरफ कमलनाथ चाहेंगे कि अमरवाड़ा सीट को जिताकर वो ये बता सकें कि छिंदवाड़ा अभी भी उनका गढ़ है। दोनों पार्टियों ने उपचुनाव के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
अमरवाड़ा सीट पर बीजेपी ने साल 1972 से अब तक 2 बार 1990 और 2008 में जीती थी। 2003 में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने 2003 में अपने नाम की थी। साल 2023 में कमलेश शाह ने भारतीय जनता पार्टी की मोनिका शाह बट्टी के पटखनी दी थी। इस बार के छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर बंटी साहू ने कांग्रेस प्रत्याशी को 1 लाख से ज्यादा वोटों से हराया था।












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