रौशनी, आवाज और सहारा: जब 72 जरूरतमंदों की जिंदगी में आई नई रोशनी, आधार फाउंडेशन सराहनीय काम
बुधवार का दिन छिंदवाड़ा के 72 जरूरतमंद वृद्धजनों और दिव्यांगजनों के लिए खुशियों से भरा रहा। परासिया रोड स्थित दिव्यांगों की सेवा में समर्पित संस्था आधार फाउंडेशन में सक्षम, आधार और एल्मिको द्वारा सहायक उपकरण वितरण शिविर का आयोजन किया गया।
इस पहल के तहत सात लाख रुपये के उपकरण वितरित किए गए, जिससे जरूरतमंदों के जीवन में सहूलियत और आत्मनिर्भरता का नया संचार हुआ।

तीन घंटे तक चले इस भव्य आयोजन में पीके पांडे (ज्वाइंट कमिश्नर, जीएसटी), जीएस बघेल (जिला शिक्षा अधिकारी), सर्वोदय अहिंसा के प्रदेश संयोजक दीपक राज जैन, विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष अरविंद प्रताप सिंह, और एल्मिको जबलपुर के डॉ नरेंद्र कुमार गंगवार एवं डॉ प्राणेश मिश्रा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सक्षम के जिला अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक इंजी महेश किंथ और आधार फाउंडेशन की संचालिका सरिता पांडे ने सभी का आत्मीय स्वागत किया। मंच संचालन कुशल वक्ता वंशिका जैन ने किया और दिव्यांग बिटिया के मंगलाचरण से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।
स्वच्छता और सेवा की प्रेरणा
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर दीपक राज जैन और निगम से स्वच्छता दूत शीतल जैन ने उपस्थित जनसमूह को स्वच्छता का संकल्प दिलाया और छिंदवाड़ा को स्वच्छ, स्वस्थ और सुंदर बनाने की अपील की।

इस आयोजन में कई दिव्यांगों और वृद्धजनों को उनकी जरूरत के अनुसार उपकरण भेंट किए गए:
- सोनिका चंद्रवंशी (दृष्टिबाधित) को स्मार्टफोन और छड़ी।
- जयवंती करफे व शालिनी भवारकर को बैटरी ऑपरेटेड मोटर ट्राइसाइकिल।
- धैर्य पांडे को ट्राइसाइकिल।
- चमन पवार को श्रवण यंत्र।
- हिमानी रघुवंशी को प्रशिक्षण किट।
जानकी टांडेकर को कमोड व्हीलचेयर।इसके अलावा यशोदा चौरसिया, जनक लाल, ओमवती बाई, चंद्राबाई साहू, सुंदरबाई, सुरेश कुमार दुबे, भग्गू लाल सहित 72 जरूरतमंदों को जीवन सहायक उपकरण भेंट किए गए।
आयोजकों को मिली सराहना
मुख्य अतिथि पीके पांडे और डीईओ जीएस बघेल ने इस पहल की सराहना करते हुए आयोजकों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को आसान बनाने में मददगार साबित होते हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रहा विशेष सहयोग
इस सेवा कार्य को सफल बनाने में बिंदु यादव, सुमित्रा पवार, मीना सरयाम, अनीता भलावी, शीतल बोनिया, अर्पणा भारत, ममता कुमरे, अशोक धाकड़े, शकुंतला वर्मा, उषा डेहरिया, ज्योति चौकसे, सोनाली पवार, ओम प्रकाश ओक्टे सहित कई स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यह सेवा आयोजन न केवल दिव्यांगजनों और वृद्धजनों के लिए सहायक सिद्ध हुआ, बल्कि समाज में मानवता और सहयोग की एक नई मिसाल भी पेश कर गया।












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