LIC IPO के खिलाफ बीमाकर्मियो ने खोला मोर्चा, हड़ताल करके जताया विरोध
रायपुर, 4 मई। देश का सबसे बड़ा एलआईसी आईपीओ बुधवार को खुल गया है। पूरे देशभर के निवेशकों को इस दिन का बेसब्री से इंतजार था। यह आईपीओ 9 मई तक खुला रहेगा। इधर इस आईपीओ को जारी किये जाने के विरोध में आज 4 मई को देशभर में लाखों बीमाकर्मियो ने लंच से पहले 2 घंटे के लिए बहिर्गमन हड़ताल करते हुए तीव्र प्रतिवाद का इजहार किया।
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सुबह साढ़े 11 बजे से लेकर 2 बजे तक आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के बुलावे पर बीमाकर्मियों ने अपना कार्य रोक दिया और कार्यालयों से बाहर निकलकर गेट के समक्ष विरोध प्रदर्शनों और सभाओ का आयोजन किया। छत्तीसगढ़ के संगठन के क्षेत्रीय महासचिव धर्मराज महापात्र ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार पर बीमा धारकों की संपत्ति को नीलाम करने के लिए देश के साथ विश्वासघात किया है । उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार एएलसी को बेचना चाहती है। जिसका विरोध हम करते रहेंगे। आंदोलनकारियों ने बताया कि मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ को मिलाकर मध्य क्षेत्र के आठों मंडल कार्यालयों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, शहडोल, सतना, रायपुर ,बिलासपुर और उनके अधीनस्थ शाखा कार्यालयों में दो घण्टे की हड़ताल पूर्णत:सफल रही है ।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पंडरी स्थित मंडल कार्यालय में मुख्य हड़ताली सभा को संबोधित करते हुए आल इंडिया इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के उपाध्यक्ष काम. बी. सान्याल ने कहा कि इस आई पी ओ के जरिये सरकार 50 हजार करोड़ रुपयो से भी ज्यादा का घोटाला करने जा रही है। उन्होंने कहा कि एक ओर मिलीमन एक्चुरियल फर्म द्वारा संस्थान की एम्बडेड वैल्यू को बहुत कम आंका गया है ,वहीं दूसरी तरफ एल आई सी के प्रति शेयर मूल्य का निर्धारण करते समय मात्र 1.1 गुणन कारक का उपयोग किया गया है, जो भारत मे सूचीबद्ध बाकि की जीवन बीमा कंपनियों के गुणन कारक 2.5 से 4 की तुलना में बेहद कम है। इससे स्पष्ट है कि जिस शेयर का मूल्य 2800 से 3400 रुपयो के मध्य निर्धारित होना था, उसे मात्र 906 से 950 की प्राइज रेंज में बिक्री के लिए जारी कर 50 हजार करोड़ रुपयो का स्पष्ट घोटाला किया गया है।
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सेंट्रल ज़ोन इंश्योरेंस एम्पलाईज एसोसिएशन के महासचिव धर्मराज महापात्र ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि भारत के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और वित्त विशेषज्ञों ने एल आई सी की एम्बडेड वैल्यू और प्रति शेयर मूल्य निर्धारण के आंकलन को चुनौती दी है। भारत सरकार हड़बडी में यह कदम उठा रही है और बाकि के सार्वजनिक क्षेत्रों की तरह एल आई सी को भी औनेपौने दामों में बेच देने की हठधर्मिता में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नव उदारवादी नीतियों को तेजी से थोपने की दिशा में भारत की आर्थिक आत्मनिर्भरता की प्रतीक एल आई सी को भी बेचना शुरू कर चुकी है। बीमाकर्मियो ने बीते 3 दशकों से अपने संघर्षो के माध्यम से एल आई सी में निजीकरण को रोक कर रखा था। आज इसका आई पी ओ जारी होने के बाद एक नया संघर्ष शुरू हो रहा है। महापात्रा ने कहा कि हम इस देश की मेहनतकश जनता के साथ मिलकर एल आई सी और आम बीमा निगम के सार्वजनिक चरित्र की रक्षा के लिए संकल्पित है।
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