200 से अधिक छात्रों की यूक्रेन से छत्तीसगढ़ वापसी का इंतजार, सियासत भी कम नहीं !
रायपुर, 03 मार्च। यूक्रेन में अभी भी छत्तीसगढ़ के 200 से अधिक छात्र फंसे हुए है। भारत सरकार लगातार भारतीय छात्रों की वतन वापसी करवा रही है,इस बीच छत्तीसगढ़ की सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार पर राजनीति करने का आरोप लगाया है,तो वही भाजपा ने इसका जवाब भी दिया है।

भाजपा कर रही है नौटंकी:मोहन मरकाम
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने बयान जारी करके कहा है कि डरपोक और निकम्मी मोदी सरकार के कारण यूक्रेन में अब तक दो भारतीय छात्रों की मौत हो चुकी है और साथ ही भारतीय छात्र छात्राओं के की पिटाई और उनके अपहरण की खबरें भी आ रही हैं। छत्तीसगढ़ के 200 से अधिक छात्र यूक्रेन में फंसे हुए हैं और उनके परिजन बेहद दहशत में हैं।मरकाम ने आगे कहा कि युद्ध के पूर्वानुमान के बावजूद केंद्र में बैठी मोदी सरकार के नेता और स्वयं प्रधानमंत्री मोदी यूक्रेन से भारतीय छात्रों को सुरक्षित देश तक लाने का प्रबंध करने के बजाय चुनावी भाषणबाजी और सत्ता पाने के प्रबंध में लगी रही।अब हालात बिगड़ते देख छत्तीसगढ़ के नौटंकीबाज भाजपा नेता मोदी सरकार की नाकामी पर पर्दा डालने के लिए परिजनों से मिलने की नौटंकी कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि मोदी सरकार की संवेदनहीनता अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यूक्रेन में फंसे छात्र छात्राओं ने युद्ध शुरू होने की आशंका पर बहुत पहले से ही भारत सरकार को हजारों ईमेल्स और फोन किए मगर केंद्र की बहरी और सत्तालोलुप सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि अगर छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं को छात्रों की वास्तव में चिंता है तो उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के पास जाकर गुहार लगानी चाहिए कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के छात्र छात्राओं को 24 घंटे के भीतर देश तक लाने की व्यवस्था करें।

भाजपा नेताओं ने लगाए छत्तीसगढ़ सरकार पर उदासीनता के आरोप
इधर भाजपा ने यूक्रेन में फँसे छत्तीसगढ़ के छात्रों की सहायता के लिए समिति गठित की है। इस समिति के प्रभारी राजीव अग्रवाल और सदस्य प्रीतेश गांधी है कि दोनों ही नेताओं की तरफ से बयान जारी करके कहा गया कि रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध के हालात में फँसे भारतीय छात्रों, जिनमें छत्तीसगढ़ के लगभग 200 से अधिक छात्र भी शामिल हैं, को सुरक्षित निकालकर भारत लाने और उन्हें उनके घरों तक पहुँचाने के काम में छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने अपनी ज़िम्मेदारी महसूस कर कोई पहल क्यों नहीं की? राजीव अग्रवाल ने कहा कि यूक्रेन में फँसे छत्तीसगढ़ के छात्रों के ज़िलावार आँकड़े भी पेश कर हैरत जताई कि इतने संवेदनशील मुद्दे पर भी छत्तीसगढ़ की कांग्रेस ओछी राजनीति करके मिथ्या व अनर्गल प्रलाप करके पलायन कर रही है और प्रदेश सरकार का इस मामले में भी अपनी ज़िम्मेदारी नहीं निभाना बेहद शर्मनाक है।
अग्रवाल ने कहा कि इन छात्रों की सकुशल स्वदेश वापसी के लिए भारत सरकार के प्रयास तेज़ी से चल रहे हैं। इसी कड़ी में देशभर में भारत सरकार ने हर प्रदेश में दो-दो लोगों का चयन किया है जिन्हें अपने-अपने राज्यों के यूक्रेन में पढ़ रहे छात्रों के परिजनों से संपर्क, उनकी हर परेशानी की चिंता, छात्रों की सकुशल वापसी के लिए सतत सम्पर्क में रहने, परिजनों के साथ सभी सूचनाओं का विनिमय करने और किसी भी विषम परिस्थिति में सहायता लेने और करने का ज़िम्मा सौंपा गया है। छत्तीसगढ़ में भाजपा के सभी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, ज़िला अध्यक्ष, महामंत्री, पूर्व और वर्तमान सांसद, विधायक समेत सभी नेता व कार्यकर्ता यूक्रेन में फँसे छात्रों के परिजनों से मिलेंगे और उनकी हरसंभव मदद करेंगे।

लगातार हो रही है छात्रो की छत्तीसगढ़ वापसी
यूक्रेन में फंसे छत्तीसगढ़ के 30 छात्र गुरुवार को नई दिल्ली लौटे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि अब तक प्रदेश के 69 छात्रों की यूक्रेन से सकुशल वापसी हो चुकी है। यूक्रेन से वापस आने वालेछत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए नई दिल्ली में व्यवस्था बनाई गयी है एवं छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वहाँ से उनके गृहनगर जाने के लिए सुविधाएं दी जा रही हैं। जानकारी के अनुसार छात्रों को सहायता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देश पर नई दिल्ली के छत्तीसगढ़ भवन में सहायता केंद्र स्थापित किया गया है। इन छात्रों को वाहन, आवास और भोजन की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके अलावा, छात्रों को उनके गृहनगर वापस लाने के लिए हवाई टिकट सहित सभी आवश्यक व्यवस्था की गई है।
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