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छत्तीसगढ़: संतों ने उठाई भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग, महाशिवरात्रि पर शुरू होगी 700 किमी की पदयात्रा

भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर देशभर से 500 से ज्यादा संत छत्तीसगढ़ में जुटने वाले हैं। बताया जा रहा है कि सभी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में फैलकर से पदयात्राएं निकालेंगे।

Mahashivratri Hindu Rashtra: बागेश्वर धाम प्रमुख पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के बयानों के बाद भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग दिनों दिन तेज होती जा रही है। आगामी 18 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन छत्तीसगढ़ में विश्व हिंदू परिषद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हिंदू स्वाभिमान जागरण संत पदयात्रा का आगाज़ करेंगे। इस पदयात्रा में देशभर के साधु-संत बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

 महाशिवरात्रि के दिन होगा पदयात्रा का आगाज़

महाशिवरात्रि के दिन होगा पदयात्रा का आगाज़

भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग को लेकर देशभर से 500 से ज्यादा संत छत्तीसगढ़ में जुटने वाले हैं। बताया जा रहा है कि सभी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में फैलकर से पदयात्राएं निकालेंगे। विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हिंदू स्वाभिमान जागरण संत पदयात्रा के सह संयोजक चंद्रशेखर वर्मा ने बताया कि शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती पूर्व ही देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की यात्रा शुरू कर चुके हैं।

देशभर के साधु-संत इस मांग को दोहरा रहे हैं। धर्मसभा के मौके पर संत भारत को संवैधानिक रूप से हिंदू राष्ट्र घोषित करने की अपील करेंगे। उन्होंने बताया कि महाशिवरात्रि के दिन पदयात्रा शुरू होगी। एक महींने बाद 19 मार्च को राजधानी रायपुर में एक बड़ी धर्मसभा का आयोजन करके भारत को हिंदू राष्ट्र का दर्जा देने की मांग को प्रबल किया जायेगा।

शंकराचार्य समेत सैकड़ों संत होंगे शामिल,आएंगे धीरेन्द्र शास्त्री

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ज्ञात हो कि विश्व हिंदू परिषद छत्तीसगढ़ में इस तरह की पहली संत पदयात्रा आयोजित करके संतों को जुटाने का प्रयास कर रहा है। विहिप देशभर के कई साधु संतो और सभी शंकराचार्यों से सम्पर्क कर रहा है। आयोजकों उम्मीद जताई है कि उन्हें शीघ्र ही सभी से तारीखें मिल मिल जाएंगी। बहरहाल अखिल भारतीय संत समिति के प्रमुख संतो ने पदयात्रा में शामिल होने की सहमति दे दी है।

मुंबई से स्वामी चिन्मयानंद, हरिद्वार के ज्ञानेश्वरानंद महाराज, राजीवलोचन दास महाराज, स्वामी अखिलेश्वरानंद, स्वामी हरिहरानंद, जितेंद्रानंद, अविचल दास और संत युधिष्ठिर लाल ने अपनी सहमति दे दी है। इस पदयात्रा में बागेश्वरधाम के धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री भी शामिल हो सकते हैं।

पिछड़ों से मिलेंगा संत समाज, जगायेगा सनातन की अलख

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माना जाता है कि साधु-संत धार्मिक स्थानों से अलग आम लोगो के स्थानों पर नहीं जाते हैं। झुग्गी-बस्तियों, आदिवासी इलाकों, गरीब - पिछड़े वर्ग से जुड़े लोगों के घरों तक वह नहीं पहुंचते हैं,लेकिन इस दफा वह ना केवल वहां जायेंगे,बल्कि उनके साथ भोजन, सत्संग और संवाद स्थापित करके और धर्म से जुड़े उनकी जिज्ञासाओं का भी जवाब भी देंगे।

हिंदू स्वाभिमान जागरण यात्रा के माध्यम से संत-समाज के सभी वर्गों में एक संदेश देने का प्रयास करेंगे कि आपसी भेदभाव जातपात, भाषा, पंत, क्षेत्र और सियासी अलगाव खत्म करके एक जुट हो जाएं।

एक महीने में 700 किलोमीटर की पदयात्रा, हनुमान चालीसा का पाठ शुरू

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पदयात्रा समाप्त होने के बाद सभी साधु-संत धर्मसभा के माध्यम से धर्मांतरण,बढ़ती जनसंख्या, लव जिहाद जैसे मुद्दों पर भी खुलकर राय रखेंगे। विश्व हिंदू परिषद के प्रांतकार्य अध्यक्ष चंद्रशेखर वर्मा के मुताबिक इसी कड़ी में हर मंगलवार को लोगों को हनुमान चालीसा का पाठ करने के लिए जागरूकता अभियान शुरू किया जा चुका है।

बहराहल हिंदू स्वाभिमान जागरण संत पदयात्रा मां महामाया यात्रा रामानुजगंज ,मां चंद्रहासिनी यात्रा सगोरा आश्रम जशपुर , मां दंतेश्वरी यात्रा दंतेवाड़ा और मां बम्लेश्वरी यात्रा मोहला से शुरू की जाएगी,जो राज्य के सभी संभागों के 34 प्रमुख शहरों से गुजरते हुए राजधानी रायपुर पहुंचेगी। इस दौरान महीने में साधु-संत तकरीबन 700 किलोमीटर की यात्रा पूरी करेंगे।

कांग्रेस ने पूछा यक्ष प्रश्न

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छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के लोग हिंदूराष्ट्र की बात करते हैं,लेकिन दूसरी ओर ईसाई और मुस्लिम समाज के लिए भोज और कार्यक्रम का आयोजन करके एकता स्थापित करने की कोशिश करते है।

कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि यह सियासी तौर पर भाजपा के वोट बटोरने की मुहीम है। आरएसएस की यात्रा में वास्तविक संत शामिल नहीं होंगे,क्योंकि संघ ने कभी हिंदुओं की भलाई के लिए कोई कार्य नहीं किया।

वहीं आरएसएस के चंद्रशेखर वर्मा ने कहा कि हम चाहते हैं कि कांग्रेस, बीजेपी , सपा समेत सभी दलों के नेता यात्रा में शामिल हों,क्योंकि यह यात्रा राष्ट्र को समर्पित है। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अपनी दृष्टि से इस पूरी यात्रा को देख सकती है, किन्तु हम इसे हिंदू दृष्टि से देखते हैं।

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    इस बीच मध्यप्रदेश, छतरपुर के बागेश्वर धाम में हिंदुत्व का महाशक्ति प्रदर्शन जारी है। देश के कोने-कोने से संत बागेश्वरधाम में एकत्रित होकर हिंदू राष्ट्र के संकल्प का आगाज कर चुके हैं।इस आयोजन को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कमलनाथ का कहना है कि भारत अपने संविधान के मुताबिक चलता है। बाबा साहेब अंबेडकर ने संविधान बनाया था. भारत उसी संविधान से चलता है।

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