• search
छत्तीसगढ़ न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

अयोध्या से दूर, छत्तीसगढ़ में सजने लगी श्रीराम की ननिहाल, सरकार संवारेगी मां कौशल्या का मंदिर

|

रायपुर। भगवान श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या में देश के दूसरे सबसे बड़े मंदिर की आधारशिला रखी जाने वाली है। 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चांदी की ईंट से मंदिर निर्माण की शुरूआत कराएंगे। इस बीच छत्तीसगढ़ की सरकार ने ऐलान किया है कि श्रीराम की ननिहाल चंदखुरी का सौंदर्य भी निखारा जाएगा। मां कौशल्या का मंदिर संवरेगा साथ ही पर्यटन स्थलों को पौराणिक कथाओं के नगरों जैसा ही आकर्षक बनाया जाएगा।'

महंत रामचंद्र दास परमहंस: जिन्हें अयोध्या में आज हर कोई जरूर याद कर रहा होगा

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की पहल

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार की पहल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राजधानी रायपुर के निकट स्थित रामायण काल के चंदखुरी गांव के सौंदर्यीकरण की रूपरेखा को लेकर पूरी जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए। उन्होंने लिखा- ''छत्तीसगढ़ में न केवल प्रभु राम की माता कौशल्या का जन्म हुआ, रामायण के माध्यम से रामकथा को दुनिया के सामने लाने वाले महर्षि वाल्मीकि ने भी इसी भूमि पर आश्रम का निर्माण कर साधना की। ऐसी भी मान्यता है कि लव-कुश का जन्म इसी आश्रम में हुआ था।''

शिवरीनारायण और तुरतुरिया स्थल

शिवरीनारायण और तुरतुरिया स्थल

मुख्यमंत्री ने अगला ट्वीट किया- ''प्रदेश सरकार ने कौशल्या माता के जन्म-स्थल चंदखुरी की तरह तुरतुरिया के वाल्मीकि आश्रम को भी पर्यटन-तीर्थ के रूप में विकसित करने के लिए कार्य की रूप-रेखा तैयार कर ली है। तुरतुरिया को ईको टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। इसी तरह रामकथा से संबंधित एक और महत्वपूर्ण स्थल शिवरीनारायण के विकास के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। शिवरीनारायण वही स्थान है, जहां माता शबरी ने प्रभु राम को जूठे बेर खिलाए थे।''

राजधानी रायपुर के निकट है चंदखुरी

राजधानी रायपुर के निकट है चंदखुरी

कौशल्या मंदिर के बारे में मुख्यमंत्री बोले- ''प्रभु श्री राम के ननिहाल चंदखुरी का सौंदर्य अब पौराणिक कथाओं के नगरों जैसा ही आकर्षक होगा। राजधानी रायपुर के निकट स्थित इस गांव के प्राचीन कौशल्या मंदिर के मूल स्वरूप को यथावत रखते हुए, पूरे परिसर के सौंदर्यीकरण की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। हम यहां पूरे परिसर के सौंदर्यीकरण का काम शालीनता से कराएंगे।'

22 दिसंबर को हुआ था भूमि पूजन

22 दिसंबर को हुआ था भूमि पूजन

राज्य सरकार की योजना के मुताबिक चंदखुरी को पर्यटन-तीर्थ के रूप में विकसित किया जाना है। ऐसे में वहां भगवान राम की मां कौशल्या के मंदिर के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं का विकास भी किया जाएगा। मालूम हो कि, विगत 22 दिसंबर को चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर के सौंदर्यीकरण के लिए भूमि-पूजन किया गया था।

दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति का तमगा खो देगी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी, देश में ही बन रही हैं 2 ऐसी प्रतिमाएं

सेतु बनेगा, अन्य सुविधाएं भी होंगी

सेतु बनेगा, अन्य सुविधाएं भी होंगी

खुद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस नगर के तालाब पर एक पुल और सभी सुविधाओं से युक्त धर्मशाला और शौचालय आदि का निर्माण करने का आदेश दिया है। इसके अलावा महर्षि वाल्मीकि के आश्रम को भी विकसित करने की योजना बनाई है।

एक साथ खुशी के 2 मौके

एक साथ खुशी के 2 मौके

मौजूदा वक्त में यह बड़ा दिलचस्प है कि, एक ओर श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या सज रही है, दूसरी ओर उनकी ननिहाल भी संवारी जाएगी। क्योंकि,नई पीढ़ी के ज्यादातर लोग यह जानते ही नहीं हैं कि, श्रीराम की मां कहां की रहने वाली थीं।

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Lord Ram's Mother kaushalya's village Chandkuri will be developed by chhattisgarh bhupesh baghel govt, see the Beautification design
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X