CG: किरंदुल-कोत्तावलसा ट्रैक पर 11 दिनों से ट्रेनें नहीं चलने से यात्री निराश, जानिए- कब तक चलने की उम्मीद?
Bastar News: छत्तीसगढ़ के किरंदुल-कोत्तवालसा रेललाइन पर मानाबार-जड़ती स्टेशनों के बीच हुए भूस्खलन के बाद अब तक रेल यातायात बहाल नहीं हो पाया है। बताया जाता है कि रेललाइन पर फैली मिट्टी व बोल्डर को हटाने का काम ही पूरा नहीं हो सका है। बीते 11 दिनों से बंद पड़ी रेललाइन के कारण रेलवे को करीब 50 करोड़ रूपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है।
दरअसल लगातार हो रही बारिश के कारण मिट्टी कीचड़ बन चुकी है। जिसे हटाने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इन कारणों से 6 अक्टूबर तक यात्री रेलों के रद्दीकरण को बढ़ा दिया गया है। हालांकि पूर्व में जिस तरह से काम चल रहा था, ऐसी उम्मीद थी कि 2 अक्टूबर के बाद से रेल सेवा शुरू हो जाएगी, लेकिन बारिश ने काम को खासा प्रभावित कर दिया, जिसके चलते रेललाइन को बहाल किए जाने चल रहा काम बुरी तरह प्रभावित हो गया है।

मंगलवार की देर रात ईको रेलवे के जीएम मनोज शर्मा व वाल्टेयर रेलमंडल के डीआरएम सौरभ प्रसाद अपने अफसरों के साथ मौके का निरीक्षण करने पहुंचे। जब अफसरों का निरीक्षण चल रहा था, तब भी बारिश जारी थी। उन्होंने अब रेल यातायात को बहाल कर पाने में अनिश्चितता जताई है। वहीं उन्होंने कहा कि बारिश नहीं हुई तो काम जल्दी पूरा कर लिया जाएगा।
मालूम हो कि बीते 24 सितंबर की अलसुबह मानाबार-जड़ती स्टेशनों के बीच भूस्खलन होने से रेललाइन पर करीब 10 हजार घनमीटर मिट्टी व बोल्डर गिर गए थे, जिन्हें हटाने के लिए बड़े पैमाने पर हेवी ड्यूटी मशीनरी लगाई गई है। इस बीच बीते 11 दिनों से रेललाइन बंद है, लेकिन 6 अक्टूबर तक ट्रेनों को रद्द किया गया है। ऐसे में कुल 13 दिनों तक रेल यातायात ठप रहेगा। फिलहाल 13 दिनों से बंद रेल यातायात के कारण जहां लौह अयस्क परिवहन से लेकर यात्री रेल सुविधा भी बंद पड़ी हुई है।
वाल्टेयर रेलमंडल के सीनियर डीसीएम एके त्रिपाठी ने बताया कि रेललाइन बहाल नहीं हो पाने के कारण भुवनेश्वर-जगदलपुर चलने वाली हीराखंड एक्सप्रेस को 6 अक्टूबर तक कोरापुट तक चलाया जा रहा है। वहीं विशाखापट्टनम-किरंदुल नाइट एक्सप्रेस को भी कोरापुट तक ही चलाया जा रहा है।
विशाखापट्टनम-किरंदुल पैसेंजर को 6 अक्टूबर तक अरकू तक चलाई जा रही है। वहीं हावड़ा-समलेश्वरी एक्सप्रेस को भी 6 अक्टूबर तक टिटलागढ़ तक शॉर्ट टर्मिनेट की गई है। बताया जा रहा है कि 6 अक्टूबर तक काम पूरा नहीं हुआ तो शॉर्ट टर्मिनेशन को आगे बढ़ाया जा सकता है।
बीते 11 दिनों से रेल सेवा बंद होने से जहां यात्री ट्रेनें बंद हैं, वहीं बचेली-किरंदुल से लौह अयस्क की ढुलाई भी नहीं हो पा रही है। इन हालातों में बचेली-किरंदुल से राउरकेला स्टील प्लांट व वाइजैग स्टील प्लांट तक लौह अयस्क नहीं पहुंचाया जा पा रहा है। ऐसे में दोनों ही स्टील प्लांटों में स्टील उत्पादन प्रभावित हो रहा है। अगले कुछ और दिन ऐसी ही स्थिति बनी रही तो दोनों स्टील प्लांटों में लौह अयस्क की कमी होने से स्टील उत्पादन को बंद भी किया जा सकता है।
संवाद सूत्र: ऋषि भटनागर, जगदलपुर/छत्तीसगढ़












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