Gariyaband डिप्टी कलेक्टर ने मांगी रिश्वत, ACB ने रंगे हाथ पकड़ा, विवादों से रहा है नाता
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में ACB ने बड़ी कार्रवाई की है इस कार्रवाई से राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। जिलें के डिप्टी कलेक्टर और गरियाबंद जनपद पंचायत सीईओ करुण डहरिया को ACB ने गिरफ्तार किया है। डिप्टी कलेक्टर पर आरोप हैं कि उन्होंने बोरवेल्स का बिल पास कराने के लिए 20 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। इतना ही नहीं डिप्टी कलेक्टर अपने अब तक के कार्यकाल में सभी स्थानों पर विवादित रहें हैं।

कांग्रेस नेता ने की थी शिकायत, फिर ACB ने रंगे हाथों पकड़ा
पैसे मांगने पर कांग्रेस नेता शफीक खान ने करूण डहरिया से समय मांगा। जिस पर 4 नवंबर को रुपये देना तय हुआ। इस बीच शफीक खान ने इसकी शिकायत ACB से कर दी । जिसके बाद ACB ने रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शुक्रवार को शफीक खान पैसे देने के लिए जनपद पंचायत कार्यालय पहुंच गए। वहां उन्होंने जैसे ही CEO करुण डहरिया ने रुपए लिए, उसी समय ACB अफसरों ने CEO डहरिया को रंगे हाथ पकड़ लिया।

बोरवेल खनन का बिल पास कराने मांगे 20 हजार रुपये
इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चिखली, मालगांव और मजरकटा में 15वें वित्त से 4 बोरवेल खनन के लिए तीन लाख की राशि जारी की जानी थी। इसके लिए कांग्रेस नेता शफीक खान ने सीईओ करुण डहरिया से संपर्क किया। शफीके ने आरोप लगाते हुए कहा कि 30 अक्तूबर को डिप्टी कलेक्टर डहरिया ने बिल पास कराने के एवज में 20 हजार रुपये की मांग की।

डिप्टी कलेक्टर का 7 महीने पहले हुआ था ट्रांसफर
डिप्टी कलेक्टर करुण डहरिया 2019 बैच के राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी हैं। उनका मूल निवास कोरबा है। उनकी पहली पोस्टिंग जांजगीर-चांपा में SDM के रूप में हुई थी। इसके बाद उनका ट्रांसफर पामगढ़ हुआ। कलेक्टर करुण डहरिया ने 7 महीने पहले ही जनपद पंचायत सीईओ के रूप में पदभार ग्रहण किया था। उनके खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे।

पहले भी डिप्टी कलेक्टर का विवादों से रहा है नाता
करुण डहरिया जब जांजगीर-चांपा के पामगढ़ में SDM थे। तब सबसे पुराने शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल हिंदी माध्यम के छात्र स्कूल को बंद नहीं करने की मांग कर रहे थे। तब डहरिया ने छात्रों को पुलिस बुलाने की धमकी दी थी। इसके अलावा छात्रों को थप्पड़ मारने की धमकी देने का भी आरोप लगा था। दूसरा मामला जब चंडीपारा हल्का के पटवारी को बिना किसी शिकायत के हटाने पर सरपंच, उपसरपंच व पंचगण सहित गांव वाले ज्ञापन सौंपने गए थे, लेकिन तत्कालीन SDM रहे करुण डहरिया ने उसे लेने से ही इनकार कर दिया था।












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