पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में उठाया स्काई वाक का मुद्दा, कहा- मैं रुकने वाला नहीं हूं
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में अधूरे पड़े स्काई वाक प्रोजेक्ट का मामला उठा। राजधानी रायपुर के भीमराव अंबेडकर चौक से शास्त्रीचौक होते हुए जयस्तंभ चौक के पहले तक सड़क के बीच में 5 साल पूर्व स्काई वाक का काम तेजी से चल रहा था कि 2018 में छत्तीसगढ़ में सत्ता परिवर्तन के बाद भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने स्काई वाक का काम रुकवा दिया था।

स्काई वाक का काम 2017 में शुरू हुआ था,तब राजेश मूणत पीडब्ल्यूडी मंत्री थे। भाजपा ने फिर छत्तीसगढ़ की सत्ता हासिल कर ली है और राजेश मूणत रायपुर पश्चिम से भाजपा विधायक हैं, लिहाजा बुधवार को उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान इस मुद्दे उठाकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।
राजेश मूणत ने फेसबुक पर अपना बयान अपलोड करते हुए लिखा कि कांग्रेस ने षड़यंत्रपूर्वक पहले मेरी चरित्र हत्या का प्रयास किया, फिर स्काईवॉक को मुद्दा बनाकर EOW तक ले गए। कांग्रेस वाले भूल गए कि सत्य परेशान हो सकता है,लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता है। जनता के आशीर्वाद से आज कांग्रेस का हर षड्यंत्र विफल हो चुका है,लेकिन मैं रुकने वाला नहीं हूं। जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता रहूंगा, भले ही अदालत तक क्यों न लड़ाई लड़नी पड़े।
ज्ञात हो कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाते स्काई वाक का निर्माण रुकवा दिया था। इसके साथ ही पूरे मामले की एसीबी-ईओडब्ल्यू से जांच कराने का फैसला किया था।
कांग्रेस ने षड़यंत्रपूर्वक पहले मेरी चरित्र हत्या का प्रयास किया, फिर स्काईवॉक को मुद्दा बनाकर EOW तक ले गए। कांग्रेस वाले भूल गए कि सत्य परेशान हो सकता है,लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता है। जनता के आशीर्वाद से आज कांग्रेस का हर षड्यंत्र विफल हो चुका है,लेकिन मैं रुकने वाला नहीं हूं...जनता से जुड़े मुद्दों को उठाता रहूंगा, भले ही अदालत तक क्यों न लड़ाई लड़नी पड़े।
विधानसभा में बुधवार को राजेश मूणत के प्रश्न के लिखित जवाब देते हुए विभागीय मंत्री अरुण साव ने बताया कि पीडब्ल्यूडी के अवर सचिव ने 3 जनवरी 2023 को दस्तावेजों के साथ एक पत्र एसीबी-ईओडब्ल्यू को भेजा था। इसमें स्काई वाक में भ्रष्टाचार और अनियमितता की जांच करने का आग्रह किया गया था। इस आधार पर ईओडब्ल्यू ने अपराध पंजीबद्ध कर जांच में लिया था। ईओडब्ल्यू के मुताबिक जांच में आरोप सही नहीं पाए गए।
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