छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री ने गौठान समितियों को दी 6.72 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद
रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गौठान समितियों को आर्थिक रूप से मदद देने की घोषणा की है। सोमवार को राज्य सरकार की तरफ से गौठान समितियों के लिए 6.72 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद का ऐलान किया गया। आपको बता दें कि सुराजी गांव योजना के तहत बने गौठानों ने गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त करना शुरू कर दिया है। गौठानों में बनाए जा रहे वर्मी कंपोस्ट की बिक्री ने गौठान समितियों और इसके उत्पादन में लगीं स्वसहायता समूहों की महिलाओं को कमाई का नया जरिया प्रदान किया है। प्रदेश भर के गौठानों में तैयार एक लाख 17 हजार क्विंटल खाद में से अब तक बेचे गए 71 हजार क्विंटल से प्राप्त राशि में से कुल 6 करोड़ 72 लाख रूपए का लाभांश राज्य सरकार द्वारा गौठान समितियों और स्वसहायता समूहों के खाते में अंतरित की जा रही है।

इस राशि में से 3.99 लाख रूपए का लाभांश गौठान समितियों के और 2.73 लाख रूपए का लाभांश स्वसहायता समूहों के खाते में डाली जा रही हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने नरवा, गरवा, घुरवा, बारी कार्यक्रम संचालित की जा रही है। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में संचालित 5262 गौठानों में 4971 समूहों की कुल 50 हजार 772 सदस्य विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियां संचालित कर रही हैं।
कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने सोमवार को रायपुर और महासमुंद जिले के गौठानों के अध्ययन भ्रमण पर आईं कांकेर जिले की गौठान समितियों और स्वसहायता समूहों की महिलाओं से चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं से उनके अध्ययन भ्रमण के अनुभव भी जानें। कृषि विभाग की सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता और राज्य कृषि प्रबंधन एवं विस्तार प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक श्री जी.के. निर्माम भी इस दौरान मौजूद थे।












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