बस्तर क्षेत्र में कांग्रेस को भारी न पड़ जाए विधायकों की टिकट काटना, जानें बागियों की कितनी लंबी हुई लिस्ट?
CG Election 2023: विधानसभा चुनाव के पहले छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की पहली सूची बीते दिनों जारी कर दी है। जिसमें प्रदेश के 8 विधायकों की टिकटें काटी गई हैं। इन 8 विधायकों में 4 बस्तर संभाग के विधायक शामिल हैं।
विधायकों की टिकट कटने के बाद अब कांग्रेस में बगावत के सुर उठने लगे हैं। कुछ विधायकों ने दावा किया है कि दूसरी पार्टियों से उन्हें ऑफर मिल रहे हैं। कार्यकर्ता भी कांग्रेस से इस्तीफा देने तैयार हैं। इन हालातों में इस बार विधानसभा चुनाव छत्तीसगढ़ और खासकर बस्तर में कांग्रेस के लिए परेशानी वाला हो सकता है।

बस्तर संभाग की 12 सीटों में से 3 सीटों पर काबिज कांग्रेस के विधायकों की टिकटें इस विधानसभा चुनाव में काट दी गई हैं। इनमें जहां चित्रकोट विधानसभा से राजमन बेंजाम को पार्टी ने टिकट नहीं दी, वहीं दंतेवाड़ा विधानसभा से बस्तर टाइगर रहे स्व. महेंद्र कर्मा की पत्नी देवती कर्मा और अंतागढ़ विधानसभा से अनूप नाग को भी कांग्रेस ने टिकट नहीं दी है। इधर कांकेर विधानसभा से विधायक शिशुपाल शोरी को भी इस बार टिकट नहीं मिली। इन हालातों में अब विधायकों में बगावत के सुर देखने को मिलने लगे हैं।
दरअसल चित्रकोट विधानसभा से राजमन बेंजाम की जगह पीसीसी अध्यक्ष व बस्तर सांसद दीपक बैज को टिकट दी गई है। वहीं दंतेवाड़ा विधानसभा में देवती कर्मा की जगह पर उनके बेटे छविंद्र कर्मा को और अंतागढ़ विधानसभा में अनूप नाग की जगह रूपसिंह पोटाई को पार्टी ने अपना प्रत्याशी बनाया है। कांकेर विधानसभा में शिशुपाल शोरी की जगह शंकर धुर्वा को पार्टी ने टिकट दिया है।
टिकट नहीं मिलने पर विधायकों ने हालांकि ऊपरी तौर पर कांग्रेस के साथ बने रहने की बात कही है, लेकिन समर्थकों के साथ विधायक भी अंदरूनी तौर पर पार्टी को इसका सबक सिखाने की तैयारी भी कर रहे हैं। विधायकों के समर्थकों ने कहा है कि उन्हें उम्मीद ही नहीं थी कि उनके नेता की टिकट काट दी जाएगी। उन्होंने कांग्रेस संगठन पर उनका हितैषी होने का केवल दिखावा करने का आरोप भी लगाया है।
अंतागढ़ से विधायक अनूप नाग ने कहा कि हाईकमान ने किस आधार पर और किस मापदंड पर यह फैसला लिया है, इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता हूं। क्षेत्र की जनता की मैंने बहुत सेवा की है। पूरे 5 साल मैंने क्षेत्र में जनता के बीच काम किया है। उन्होंने नए प्रत्याशी को टिकट दिए जाने की बात पर कहा कि इससे अच्छा ये होता कि इसका जवाब क्षेत्र की जनता से पूछा जाता। उन्होंने अपने समर्थकों की बड़ी संख्या बताते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ने को लेकर अब तक कोई भी बात का खुलासा नहीं किया है।
मालूम हो कि प्रदेश के बाकी 4 विधायकों में पंडरिया से ममता चंद्राकर, खुज्जी से छन्नी साहू, डोंगरगढ़ से भुवनेश्वर बघेल, नवागढ़ से गुरुदयाल बंजारे का नाम शामिल हैं।
संवाद सूत्र: ऋषि भटनागर, जगदलपुर/छत्तीसगढ़












Click it and Unblock the Notifications