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छत्तीसगढ़ के एक गांव में नही हो रही लड़कों की शादी, वजह है हाथी, जानिए क्यों ?

सूरजपुर,19 फरवरी। शादियों का सीजन चल रहा है , कई युवाओं के घर बस चुके है,कई कतार में हैं ,लेकिन छत्तीसगढ़ के एक इलाके में हाथियों की वजह से लड़कों को दुल्हन नहीं मिल रही है। आपको सुनने में यह थोड़ा अजीब जरूर लग रहा होगा,लेकिन यह सच है। सूरजपुर जिले के प्रतापगढ़ में हाथियों की दहशत के चलते पिछले कई सालों से किसी भी लड़के के सिर पर शादी सेहरा नहीं बंध सका है।

जंगली हाथियों से प्रभावित है प्रतापपुर

जंगली हाथियों से प्रभावित है प्रतापपुर

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में प्रतापपुर नाम का इलाका है , यहां बीते दो दशकों से भी अधिक समय से जंगली हाथियों का आतंक है। जंगली हाथी इंसानी बस्तियों और खेतो को नुकसान पहुंचाते हैं। ग्रामीणों को रात भर जागकर चौकन्ना रहना पड़ता है। मौजूदा हालातों में भी इस क्षेत्र में 40 से अधिक जंगली हाथियों का दल विचरण कर रहा है। हाथी इस इलाके के लोगो के ,लिए बड़ी समस्या बनकर उभरे है ,जिसमे से एक समस्या युवाओ की शादी ना होना है।

जंगली हाथी का होना प्रतापगढ़ के स्थानीय लोगों के लिए कई तरह की दिक्कतें दे रहा है, लेकिन बीते सालों में स्थानीय युवाओं को हाथियों के कारण एक नई समस्या का सामना करना पड़ रहा है , जिससे वह काफी परेशान है, दरअसल प्रतापगढ़ में हाथियों की समस्या की वजह से इस क्षेत्र के गांव में कोई भी परिवार अपनी बेटी का हाथ नहीं देना चाहता है, या कहें तो कोई भी माता-पिता अपनी बेटी की शादी प्रतापगढ़ के लड़कों से करने को तैयार नहीं है।

हाथियों के डर से नहीं देता कोई बेटी

हाथियों के डर से नहीं देता कोई बेटी

गांव के लोग बताते है कि इस साल भी इलाके के किसी लड़के की शादी नहीं हो सकी है। कुछ मामलों में शादी तय होने के बाद लड़की ने शादी इसलिए तोड़ दी.क्योंकि वह हाथी प्रभावित गांव में रहने का जोखिम नहीं लेना चाहती। दरअसल लोगों को लगता है कि शादी हो जाने के बाद उनकी बेटी और उसका परिवार कभी भी हाथी की हिंसा का शिकार हो सकता है,इसलिए कोई जान का जोखिम नहीं लेना चाहता है।

स्थानीय निवासी ज़ीशान खान का कहना है कि हमारे इलाके में हाथियों के आतंक की वजह से लोग लड़की की शादी नहीं करना चाहते ,इस कारण कई लड़के कुंवारे बैठे हुए है। प्रतापपुर के सरपंच विक्रम सिंह का कहना है कि हाथियों की मौजूदगी अब लोगों को सामाजिक तौर पर प्रभावित कर रही है। युवाओं के भविष्य का सवाल है ,इसलिए हम लोग अब प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि जल्दी हाथियों की समस्या से निजात दिलाया जाये।

लोग मानते है चिंता को जायज

लोग मानते है चिंता को जायज

वहीं सूरजपुर के जनप्रतिनिधि भी मानते हैं कि हाथियों के आतंक के कारण लड़कों की शादियां नहीं हो रही हैं इलाके में आए दिन हाथियों की ओर से फसलों को नुकसान पहुंचाने, मकान तोड़ने और ग्रामीणों को मौत के घाट उतारने की खबरें आती रहती हैं, ऐसे में किसी भी बेटी के माता पिता प्रतापपुर में शादी को लेकर चिंतित रहता है तो यह स्वाभाविक है।

सरकार की शरण में युवा

सरकार की शरण में युवा

प्रदेश के शिक्षामंत्री और प्रतापपुर के विधायक प्रेमसाय सिंह टेकाम भी हाथी की समस्या को गंभीर मानते हैं। साय का कहना है कि हाथियों का आतंक पूरे प्रदेश में लिए एक बड़ी समस्या बन चुकी है। सरकार इस समस्या को देखते हुए विशेष रणनीति बनाकर काम कर रही है। सरगुजा संभाग में हाथियों का आतंक बीते दो दशक से ज्यादा समय से बना हुआ है। इस दौरान छत्तीसगढ़ शासन और वन विभाग की तरफ से हाथियों से निजात के लिए कई दावे किए गए, लेकिन इसके आज भी इस स्थिति में कोई सुधार होता नहीं दिख रहा है।

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