CG: पर्यटकों के लिए खास होगा मनेंद्रगढ़ का बायो-डायवर्सिटी पार्क, अमृतधारा, तितली पार्क बना आकर्षण का केंद्र
मनेन्द्रगढ़, 20 सितम्बर। छत्तीसगढ़ में नए जिलों की शुरुआत हो चुकी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 9 अगस्त को मनेन्द्रगढ़ जिले की शुरुआत की है। इस जिले में पर्यटन की सम्भावनाओ को देखते हुए राज्य सरकार के वन विभाग द्वारा कैम्पा के तहत बिहारपुर वन परिक्षेत्र में 111 हेक्टेयर में बायो-डायवर्सिटी पार्क का निर्माण कराया जा रहा है। इ्सके साथ ही बस्तर के चित्रकोट की तरह मनेंद्रगढ़ जिले में अमृत धारा, रमदहा जलप्रपात पर्यटकों के आकर्षक का केन्द्र बनता जा रहा है। इसके साथ ही यहां पर्यटकों के लिए और भी खास स्थलों को तैयार किया जा रहा है।

बस्तर के चित्रकूट की तरह बहती अमृतधारा जलप्रपात
बस्तर के चित्रकोट की तरह मनेंद्रगढ़ विकासखण्ड अंर्तगत आने वाला अमृत धारा जलप्रपात पर्यटकों के आकर्षक का केन्द्र है, जहां पर्यटकों की आमद साल भर बनी रहती है। बारिश में इस जल प्रपात का नजारा और भी आकर्षक हो जाता है। इसके साथ ही रमदहा जलप्रपात पर्यटकों के आकर्षक का केन्द्र बना हुआ है।

प्रकृतिक सुंदरता निहारने के लिए वॉच टॉवरों का निर्माण
इस बायो-डायवर्सिटी पार्क का संचालन स्थानीय स्तर पर समिति के द्वारा किया जाएगा। वन विभाग द्वारा 2 नए वॉच टॉवर का निर्माण कराया गया है, जिससे पर्यटकों को पार्क के अंदर प्रकृतिक सुंदरता का का विशाल रूप देखने का आनंद मिल सकेगा। यह स्थल इस क्षेत्र में दूर-दराज से आने वाले लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनेगा।

तितली पार्क बनेगा आकर्षक का केन्द्र
वन विभाग द्वारा अमृतधारा जलप्रपात के समीप बनाए गये तितली पार्क जहां कई प्रकार की रंग-बिरंगी तितलियों को अठखेलियां करते देखा जा सकता है। मनोरंजन के लिहाज यहां आने वाले पर्यटक रंग बिरंगे तितलियों को देखकर अलग ही आनंद का अनुभव करते हैं। यहाँ तितलियों के 52 प्रजातियों के संरक्षण हो रहा है। उनके रहवास और प्रजनन के अनुकूल वातावरण उन्हें प्रदान की जा रही है। आने वाले समय में यहां तितलियों की और भी कई प्रजातियां देखने को मिलेंगी।

पार्क में बनाया गया है इंटरप्रिटेशन सेंटर
इस बायो-डायवर्सिटी पार्क में आने वाले पर्यटकों को पक्षी प्रेमियों के लिए खास तौर पर इंटरप्रिटेशन सेंटर तैयार किया गया है। यहां पर्यटकों को विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के महत्व बताने व जागरूक करने के लिए सजीव चित्र दीवारों पर लगाए गए हैं। यहाँ 3 किलोमीटर एरिया में नेचर ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है जिसमें सायकल या पैदल ही विचरण किया जा सकता है। पर्यावरण प्रेमियों एवं पर्यटक यहां विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के चित्रों का अवलोकन करेंगे बल्कि पर्यटक यहां विश्राम एवं परिवारिक कार्यक्रम भी कर सकते हैं। बायो डायवर्सिटी पार्क में बने इस सेन्टर में पर्यटकों को जैव विविधता से संबंधित जानकारियां भी दी जाएंगी।

मनेंद्रगढ़ में स्थित है प्रदेश का इकलौता चंदन नर्सरी
वन मण्डल मनेंद्रगढ़ के बिहारपुर परिक्षेत्र में बनी चंदन नर्सरी पूरे छत्तीसगढ़ में केवल यहीं देखने को मिलती है। हसदेव नदी के किनारे की काली मिट्टी चंदन की पौधों के लिए अनुकूल मानी जाती है। वन परिक्षेत्र अधिकारी बिहारपुर शंखमुनि पांडेय के अनुसार बिहारपुर वन परिक्षेत्र बीट-अमृतधारा उत्तर के सर्किल हसदेव में 111 हेक्टेयर में निर्मित पार्क के 25 हेक्टेयर में 27 हजार 500 चंदन के पौधों का रोपण किया गया है।

जंगली पशुपक्षियों के लिए है सुरक्षित विचरण केंद्र
मनेन्द्रगढ़ के बिहारपुर परिक्षेत्र को बायो-डायवर्सिटी पार्क बनाने का निर्णय लेने का मुख्य कारण यहां पर रहने वाले जंगली पशु पक्षी है। जिसके चलते इसे डेवलप किया जा रहा है। यहां पशु पक्षियों के पेयजल के लिए तालाब व एनिकेट बने हैं। यहाँ प्रमुखतः जंगली जानवरों हाथी, भालू, तेंदुआ, नीलगाय, चीतल, जंगली खरगोश, जंगली सुअर, लकड़बग्गा, सियार, कोटरी एवं मोर सहित विभिन्न पशु-पक्षियों का विचरण क्षेत्र है।

प्रकृति प्रेमियों के लिए होगा खास- डीएफओ
मनेन्द्रगढ़ जिले के वनमंडल के बिहारपुर रेंज में 111 हेक्टेयर में फेंसिंग लगाकर सुरक्षित किया जा रहा है। यहां बने इंटरप्रिटेशन सेंटर, चंदन नर्सरी के साथ Amrutdhara जलप्रपात के नजदीक तितली पार्क है, जिसे पूर्णतः विकसित किया जा रहा है। इस पर्यटन स्थल का निर्माण एक साल में पूरा कर लिया जाएगा। यहां इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए प्रयास किया जा था है। यह कहना है। जिले के वनमंडलाधिकारी लोकनाथ पटेल का जिनके प्रयास से बायो-डायवर्सिटी पार्क के निर्माण कार्यों को गति मिल रही है। उन्होंने बताया कि पार्क का कार्य वर्ष 2021 में आरंभ हुआ है।












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