Bastar News: दहशत का कारण बना तेंदुआ वन विभाग की गिरफ्त में आया, कई जानवरों को बना चुका था शिकार
Bastar News: बस्तर जिले के चित्रकोट वन परिक्षेत्र में बीते 6 महीनों से आतंक मचा रहे तेंदुए को वन विभाग की टीम ने गुरूवार की शाम आखिरकार पकड़ ही लिया। बताया जाता है कि तेंदुए ने क्षेत्र में आतंक मचा रखा था, जिसके चलते ग्रामीणों में दहशत की स्थिति थी।
वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़कर उसे पिंजरे में डाल दिया है। दरअसल पकड़ने के दौरान तेंदुआ घायल हो गया, जिसके चलते पहले उसका इलाज किया जाएगा, फिर कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में उसे छोड़ा जा सकता है।

मिली जानकारी के मुताबिक चित्रकोट वन परिक्षेत्र में बीते करीब 6 महीनों से इलाके के ग्रामीणों के लिए दहशत का पर्याय बन चुके तेंदुए को पकड़ने की कोशिशें कई बार की गईं। इसी बीच गुरूवार को गांव के आस-पास उसकी मौजूदगी की खबर मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। तेंदुए के आतंक से परेशान हो चुके ग्रामीणों ने भी वन विभाग की टीम की मदद की।
ग्रामीणों के मुताबिक तेंदुए ने उनके कई पालतु मवेशियों का नुकसान पहुंचाया है। वहीं कुछ ग्रामीणों पर भी उसने हमला किया है। लगातार मिल रही इन जानकारियों के बावजूद वन विभाग को तेंदुआ नहीं मिल पा रहा था। लंबी कोशिशों के बाद गुरूवार को वन विभाग की टीम ने तेंदुआ अपने कब्जे में लेने पहुंची।
चित्रकोट रेंजर प्रकाश ठाकुर ने बताया कि क्षेत्र के बांझी, डोंगरी (साडरा), लामड़ागुड़ा सहित आसपास गांवों में तेंदुआ देखे जाने की सूचना लगातार मिल रही थी। इस तेंदुए ने बीते कुछ महीनों में अलग-अलग गांवों के करीब 15 से ज्यादा पालतु मवेशियों को घायल कर दिया। वहीं क्षेत्र में उसे लेकर दहशत का माहौल भी था। ऐसे में लंबे समय से तेंदुए को पकड़ने की कोशिश भी की जाती रही।
गुरुवार को तोकापाल ब्लॉक के सकरा गांव की रेंज में तेंदुआ देखे जाने की खबर मिली तो वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद जाल व पिंजरे की मदद से उसे पकड़ ही लिया। दरअसल तेंदुए को वन विभाग की टीम के ट्रैंक्यूलाइजर विशेषज्ञ की मदद से पहले ट्रैंक्यूलाइज किया गया। इसके बाद उसके बेहोश होते ही उसे पिंजरे में डाल दिया गया।
बेहोशी की हालत में तेंदुए को आई चोटों का इलाज भी किया गया है। उसके घाव सूखने के बाद अगले कुछ दिनों में तेंदुए को कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ने की तैयारी भी वन विभाग कर रहा है। दरअसल कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान पूरी तरह से जंगली जानवरों के लिए अच्छा रहवास है, जहां उनके लिए खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था भी है। ऐसे में तेंदुए को जंगल में छोड़ दिए जाने को लेकर योजना तैयार की जा रही है।
संवाद सूत्र: ऋषि भटनागर, जगदलपुर/छत्तीसगढ़












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