छत्तीसगढ़ः बलरामपुर में मछली खाने पर पेड़ से बांधकर 8 आदिवासी लड़कों को डंडे से पीटा
बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के त्रिकुंडा थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला प्रकाश में आया है, जहां मछली खाने पर आदिवासी युवकों को पेड़ से बांधकर बेरहमी से पीटा गया और साथ में 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है, जिसे 15 दिन के भीतर सरपंच पति के पास जमा करना है। पीड़ितों में दो 15-15 साल के नाबालिग बच्चे भी हैं। इन सभी पर आरोप है कि सरकारी तालाब से मछली चोरी कर खाया था। वहीं इस मामले पर पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर कार्रवाई होगी। प्राप्त जानकारी के अनुसार डिडो चौकी क्षेत्र के रामचंद्रपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत चेरा में पंडो जनजाति के 8 युवकों को बीते 16 जून को दबंग जबरन घर से उठाकर ले गए।

फिर उन्हें मुर्गी फार्म के पास बंधक बना लिया। इस दौरान एक-एक कर उन्हें पेड़ से बांधा और लाठी-डंडों से पीटा गया। वहीं जब युवकों ने विरोध करना शुरू किा तो बेल्ट से हाथ बांधकर जमीन पर लिटाकर लात व डंडों से पीटा गया। वहीं घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आरोप है कि चेरा के सरपंच पति सत्यम यादव, जितेंद्र प्रताप यादव उर्फ जेपी यादव और जय प्रकाश यादव ने खुद भी आदिवासी युवकों को पीटा।
इसके बाद अन्य लोगों से भी उनकी पिटाई करवाई। काफी रात तक उन्हें बंधक बना कर रखा गया था। सभी को 35-35 हजार रुपए जुर्माना जमा करने का फरमान भी सुनाया गया है। बताया जा रहा है कुछ परिवार ने डर से जमा भी कर दिया है। सभी को धमकी दी गई है कि थाने में शिकायत करने पर और सजा दी जाएगी। पीड़ित युवकों की पहचान 30 वर्षीय देवरूप पंडो, 22 वर्षीय राजकुमार पंडो, 35 वर्षीय राजबली पंडो, 35 वर्षीय रामधनी पंडो, 15 वर्षीय लाल बिहारी पंडो, 15 वर्षीय सुरेश पंडो, 30 वर्षीय मंधारी पंडो और पुरूक पंडो (20) के रूप में हुई।












Click it and Unblock the Notifications