छत्तीसगढ़: प्रेस कांफ्रेंस में धार्मिक ग्रंथ लेकर आए जोगी ने कहा - कसम खाता हूं बीजेपी को समर्थन नहीं दूंगा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में इन दिनों हो रही पत्रकार वार्ताओं में रोचक नजारे देखने को मिल रहे हैं। दो दिन पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह ने गंगा जल की छोटी बोतल से जल लेकर कांग्रेस की सरकार बनने पर किसानों के कर्ज माफ की बात कही थी। अब अजीत जोगी ने धार्मिंक ग्रंथों पर हाथ रखकर बीजेपी को समर्थन ना देने की बात कही है। अजीत जोगी प्रेस कांफ्रेंस में बकायदा कई धर्मों के ग्रंथ लेकर आए। उन पर हाथ रखकर उन्होंने कहा कि हालात कैसे भी बने उनकी पार्टी ना तो बीजेपी से समर्थन लेगी और ना ही समर्थन देगी। कांग्रेस लगातार अजीत जोगी को बीजेपी की बी टीम बता रही है। उसका कहना है कि जोगी पूरा चुनाव ही बीजेपी के इशारों पर लड़ रहे हैं।

कहा- जानबूझ कर भ्रम फैलाया जा रहा है
कांग्रेस से अलग होकर जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) बनाने वाले अजीत जोगी ने कहा कि यह प्रायोजित षड्यंत्र है। जानबूझ कर भ्रम फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मतदाताओं में यह भ्रम फैला रही है कि वे बीजेपी से मिले हुए हैं। उन्होंने कहा कि मैं इन 8 धार्मिक ग्रन्थों को साक्षी मानकर अपनी पूरी ईमानदारी और निष्ठा से कहना चाहता हूं कि चाहे मुझे सूली पर चढ़ा दिया जाए, लेकिन भाजपा को समर्थन ना दूंगा, ना लूंगा। कांग्रेस की लोकल लीडरशिप अजीत जोगी पर यह आरोप हमेशा लगाती रही है कि वह रमन सिंह के लिए काम करते हैं। जोगी को कांग्रेस से अलग करने के पीछे भी उन पर यही आरोप था। चुनाव में टिकट बंटवारे के बाद कांग्रेस कहती आई है कि जोगी ने टिकट देते समय यह ध्यान रखा है कि उनके प्रत्याशी कांग्रेस का नुकसान करें और बीजेपी प्रत्याशी को फायदा।

ये ग्रंथ लेकर आए
जोगी ने प्रेसवार्ता में भारत में प्रचलित लगभग सभी धर्मों के ग्रंथ लेकर आए। प्रेस कांफ्रेंस करते हुए उन्होंने भगवत गीता, कुरआन, बाइबल, शदाणी प्रकट, गुरु ग्रन्थ अपने सामने की मेज पर रख लिए और पूरी बात उनको छूकर ही कही। उन्होंने अखबार में प्रकाशित उस खबर का भी खंडन किया जिसमें कहा गया था कि यदि जरूरत आई तो जनता कांग्रेस बीजेपी को सरकार बनाने में मदर कर सकती है। उन्होंने कहा कि यह खबर पूरी तरह से गलत है। मैंने भाजपा को समर्थन देने की कहीं कोई बात नहीं की है। उन्होंने कहा कि बसपा-सीपीआई के साथ हमारा गठबंधन है और हमें पूरी उम्मीद है कि यह गठबंधन सरकार बनाने में सफल होगा।

कांग्रेस ने खाई गंगाजल लेकर कसम
15 नवंबर को रायपुर में हुई एक प्रेस कांफ्रेस में कांग्रेस के नेताओं ने गंगाजल लेकर कसम खाई थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री और एआईसीसी के प्रभारी आरपीएन सिंह ने राजीव भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 15 लाख किसान यहां की रीढ़ की हड्डी हैं, लेकिन सरकार किसानों के साथ ही धोखा कर रही है। कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है। कांग्रेस नेताओं ने गंगा जल हाथ में रखकर कसम खाई और कहा कि छत्तीसगढ़ में जैसे ही कांग्रेस की सरकार बनेगी, उसके दस दिन के भीतर ही किसानों का कर्ज माफ कर दिया जाएगा। गंगाजल लेकर कसम खाने की ये तस्वीरें सोशल मीडिया में खूब वायरल हुई थीं।

मायावती ने दिए ये संकेत
राज्य में 90 सीटों में से 18 सीटों पर 12 नवंबर को मतदान हो गया। बाकी 72 सीटों पर 20 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे। इधर, बसपा अध्यक्ष मायावती ने बकतरा-आरंग में साफ कहा कि हमें बहुमत नहीं मिला तो न कांग्रेस के साथ जाएंगे, न बीजेपी के साथ। हम विपक्ष के साथ बैठना पसंद करेंगे। इस मंच पर जोगी भी साथ थे।












Click it and Unblock the Notifications