जयललिता की मौत की न्यायिक जांच को लेकर पनीरसेल्वम भूख हड़ताल पर
पन्नीरसेल्वम ने कहा कि जयललिता लंबे समय से बीमार नहीं थीं। लेकिन जिस तरीके से उनकी मौत अचानक हो गई। वो शक पैदा करता है। इसलिए अम्मा की मौत की जांच जरूरी है।
चेन्नई। तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की मौत की जांच को लेकर ओ पनीरसेल्वम और उनके समर्थक आज प्रदेश में भूख हड़ताल पर हैं। जयललिता की मौत की न्यायिक जांच के लिए तमिलनाडु, पॉन्डिचेरी और केरेकल में जिला मुख्यालयों पर तमिलनाडु के पूर्व सीएम पनीरसेल्वम के समर्थक एक दिन की भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ये भूख हड़ताल पनीरसेल्वम के नेतृत्व में हो रही है। भूख हड़ताल सुबह 9 बजे शुरू से होकर शाम 5 बजे तक चलेगा।

पनीरसेल्वम पिछले कुछ समय से लगातार जयललिता की मौत को लेकर संदेह जताते रहे हैं। हाल ही में अम्मा की मौत को लेकर पेन्नीरसेल्वम ने कहा था कि उन्होंने इलाज के लिए अम्मा को विदेश ले जाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं दी गई। पन्नीरसेल्वम ने कहा कि जयललिता लंबे समय से बीमार नहीं थीं। लेकिन जिस तरीके से उनकी मौत अचानक हो गई। वो शक पैदा करता है। पेन्नीरसेल्वम ने कहा कि सरकार को इस बात की जांच करनी चाहिए और सच को सामने लाना चाहिए। हालांकि तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री पनीरसेल्वम के दावों को बेबुनियाद कहते रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है कि पनीरसेल्वम के अन्नाद्रमुक से अलग होने के बाद वो इस तरह की बातें कर रहे हैं।
अन्नाद्रमुक की सर्वेसर्वा और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की मौत बीते साल साल 5 दिसंबर को चेन्नई के अपोलो अस्पताल में हुई थी। 75 दिन तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद जयललिता की मौत हुई थी। जयललिता के अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान से ही कई लोग उनकी सेहत और इलाज को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। इसमें जयललिता के परिवार के लोग भी शामिल रहे हैं। जयललिता से मिलने ना देने पर तब भी कई लोगों ने सवाल उठाए थे, कई दिनों तक उनकी सेहत को लेकर भी कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी थी।
पढ़ें- पेन्नीरसेल्वम अम्मा की सेहत को लेकर लगातार भ्रम फैला रहे हैं: स्वास्थ्य मंत्री












Click it and Unblock the Notifications