तमिलनाडु की 70% आबादी में विकसित हुई कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडी, सीरो सर्वे में हुआ खुलासा
तमिलनाडु में हुए एक ताजा सीरो सर्वे में सामने आया है कि राज्य की 70% आबादी ने कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडीज विकसित कर ली है।
चेन्नई, 9 अक्टूबर। तमिलनाडु में हुए एक ताजा सीरो सर्वे में सामने आया है कि राज्य की 70% आबादी ने कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडीज विकसित कर ली है। यह आंकड़ा तीसरे चरण के सीरो सर्वे पर आधारित है, जो इस साल जुलाई और अगस्त में किया गया था। तमिलनाडु के 827 क्लस्टर्स से 24,586 सैंपल लिए गए थे, जिनमें से 17,090 लोगों में कोरोना से लड़ने में मददगार एंटीबॉडीज मिली हैं। एक क्लस्टर यानी समूह से 30 लोगों के सैंपल लिए गए थे, जिनको किसी भी इलाके से रैंडम चुना गया था।

लोक स्वास्थ्य और निवारक चिकित्सा निदेशालय द्वारा 'स्टेट वाइड क्रॉस सेक्शनल सेरो सर्वे' शीर्षक नाम से जारी इस रिपोर्ट के अनुसार समग्र सीरो प्रचलन 70 फीसदी है। विरुधुनगर में सीरो प्रचलन सबसे अधिक 84 फीसदी मिला जबकि करुर में सेरोपॉजिटिविटी सबसे कम 51 प्रतिशत मिली। जिन पांच जिलों में सबसे अधिक सेरोपॉजिटिविटी मिली उनमें तेनकासी (83%), चेन्नई (82%), मदुरै (79%), थेनी (76%) और रामनाथपुरम (75%) शामिल हैं। दूसरी लहर के दौरान सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में कोयंबटूर, इरोड और सलेम शामिल हैं, जिन्होंने क्रमशः 71 प्रतिशत, 70 प्रतिशत और 60 प्रतिशत सेरोपोसिटिविटी मिली। अक्टूबर-नवंबर में किए गए पहले चरण के सर्वे में सेरोपॉजिटिविटी 32 फीसदी थी, जबकि अप्रैल 2021 में किए गए दूसरे चरण के सर्वे में सेरोपॉजिटिविटी 29 फीसदी थी। वहीं तीरसे चरण की पहले की रिपोर्ट में 66 फीसदी सेरोप्रवलेंस का पता चला था।
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल: चुनावों के बाद हुई हिंसा मामले में सीबीआई ने पूर्वी मेदिनीपुर से 11 लोगों को किया गिरफ्तार
क्या होता है सीरो सर्वे
बता दें कि सीरो सर्वे से यह पता लगाया जाता है कि जितने सैंपल लिए गए हैं, उनमें से कितनों में कोरोना से लड़ने वाली एंटीबॉडी बनी हैं। गौरतलब है कि तमिलनाडु में फिलहाल कोरोना के 16,513 एक्टिव केस हैं। वहीं 26,21,986 लोगों ने अभी तक कोरोना को मात दी है। वहीं राज्य में कोरोना से 35,734 लोगों की मौत हो चुकी है।












Click it and Unblock the Notifications