भारतीय आई ड्रॉप से गई अमेरिका के लोगों की आखों की रोशनी, ड्रग कंट्रोलर ने रुकवाया प्रोडक्शन
चेन्नई स्थित एक कंपनी के आई ड्रॉप के प्रयोग से अमेरिका स्थित कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई। वहीं, कई अन्य लोगों बीमार हो गए हैं। जिसके बाद भारत में कंपनी के प्रोडक्शन को रोक दिया गया है।

तमिलनाडु के ड्रग कंट्रोलर और सेंट्रल ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी के सदस्यों ने चेन्नई स्थित दवा कंपनी ग्लोबल फॉर्मा हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड का शनिवार को निरीक्षण किया। इस दौरान पाया गया कि कंपनी की आई ड्रॉप से अमेरिका में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई लोगों की आंखों की रोशनी पर असर पड़ा है। यूएस ड्रग कंट्रोलर अथॉरिटी ने बताया कि कंपनी अपनी आई ड्रॉप की सारी खेप वापस मंगा रही है।
वहीं कंपनी को लेकर भारतीय सूत्रों ने दावा कि वरिष्ठ दवा निरीक्षकों द्वारा जांच के दौरान यह पाया गया कि चेन्नई स्थित फर्म ग्लोबल हेल्थ केयर प्राइवेट लिमिटेड ने 'कृत्रिम आंसू' के 24 बैचों की दो खेप यूएसए को निर्यात की थी जो 2021 और 2022 में निर्मित की गई थीं। विनिर्माता कंपनी को जांच पूरी होने तक नेत्र से जुड़ी श्रेणी के तहत सभी उत्पादों की निर्माण गतिविधियों को बंद करने का निर्देश दिया गया था है।
दवा निरीक्षकों की तरफ से नियंत्रण नमूनों के चार बैचों से विश्लेषण के लिए नमूने लिए गए थे। साथ ही कच्चे माल कार्बोक्सी मिथाइल सेलुलोज सोडियम का भी नमूना लिया गया था।
इधर, विवादों में घिरी दवा निर्माता कंपनी ग्लोबल फार्मा हेल्थकेयर ने कहा है कि वह यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) के साथ मिलकर काम कर रही है। कंपनी की तरफ से जारी बयान में यह भी कहा गया है कि इसने अमेरिका में उपभोक्ताओं को उत्पाद का उपयोग बंद करने की सलाह दी है, और प्रतिकूल प्रभावों का अनुभव करने वालों को तुरंत चिकित्सा सहायता लेने के लिए कहा है।
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