Panjab News: वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दिया किसानों को आश्वासन, कहा-'जल्द ही शुरू होगी शुगर मिल'
Panjab News: पंजाब सरकार जल्द ही अपनी शुगर मिलों को शुरू कर देगी। गन्ने की कटाई शुरू होने के बावजूद अभी तक मिलों की पिराई का काम शुरू न होने के कारण किसानों में पनपे आक्रोश को शांत करने के लिए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यह आश्वासन भारतीय किसान यूनियन के प्रधान जगजीत सिंह झल्लेवाल को उस समय दिया जब वह बैठक करने के लिए आज चंडीगढ़ में आए हुए थे।
किसानों ने बैठक में रखी यह मांग
इस बैठक में किसानों ने गन्ने से जुड़ी अपनी दोनों मांगों को रखते हुए कहा कि गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य तुरंत निर्धारित कर दिया जाए और मिलों को शुरू किया जाए। इस पर वित्त मंत्री ने आश्वासन देते हुए कहा कि मिलों को दो-तीन दिन में ही शुरू कर दिया जाएगा। लेकिन गन्ने की कीमत संबंधी मामले पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में इसकी बैठक होनी है। उसमें ही यह विचार किया जाएगा।

किसान के बच्चों को नौकरियां देने का उठा मुद्दा
किसान नेताओं ने अन्य मांगों के अलावा किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के बच्चों को नौकरियां देने का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि अभी भी बहुत से ऐसे केस हैं। जिन्हें नौकरी नहीं मिली है। वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया की लंबित मामलों का निपटारा जल्दी ही कर दिया जाएगा। इसके अलावा किसान नेताओं ने कर्ज के कारण आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाले किसानों के लिए भी मुआवजा राशि जल्द अदा करने की मांग उठाई। जिस पर चीमा ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले पर भी सरकार विचार कर रही है।
तीन दिवसीय मार्च की तैयारी को दिया अंतिम रूप
चीमा ने बताया कि किसने की जिन मांगों का उनसे संबंध था। वह हल कर दी गई है और किसानों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि वह धरने पर नहीं बैठेंगे। शेष मांगों को संबंधित विभागों को भेज दिया गया है। 26 को चंडीगढ़ कूच करेंगे किसान। उधर संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में 26 से 28 नवंबर तक सभी राज्यों की राजधानियों में होने वाले प्रदर्शन के तहत चंडीगढ़ में होने वाले तीन दिवसीय मार्च की तैयारी और रूट को अंतिम रूप दिया गया।
ट्रॉलियों और अन्य वाहनों से पहुंचेंगे चंडीगढ़
धरने की जानकारी देते हुए किसान नेताओं जोगिंदर सिंह उगराहां, बूटा सिंह बुर्जगिल आदि ने कहा कि पूरे पंजाब से हजारों युवा, किसान और महिलाएं ट्रैक्टर ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के जरिए चंडीगढ़ पहुंचेंगे। किसान आइसर चौक से ट्रिब्यून चौक रोड पर आएंगे। नेताओं ने कहा कि इस कार्यक्रम की तैयारी के लिए सभी किसान संगठन गांव में अभियान चला रहे हैं। ट्रोलिया सजाई जा रही है और राशन इकट्ठा किया जा रहा है।
अपनी मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन
पंजाब के लगभग सभी ट्रैक्टर ट्रॉलियां 25 नवंबर को चंडीगढ़ के लिए रवाना होगी। ऐसे में एक बार फिर दिल्ली आंदोलन की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। किसान नेताओं ने कहा कि दिल्ली कूच के दौरान सरकार ने किसानों से जो वादे किए थे। वह पूरे नहीं किए गए हैं। इसलिए संयुक्त किसान मोर्चा अपनी मांगों को लेकर सभी राज्यों की राजधानियों में प्रदर्शन करेगा और केंद्र सरकार से मांग करेगा कि सभी फसलों की एमएसपी को स्वामीनाथन आयोग के फार्मूले के अनुसार तय फार्मूले पर लागू किया जाए।
किसानों पर दर्ज मुकदमे हटाए जाए
सरकारों की नीतियों के कारण किसानों पर हुए सभी कर्ज रद्द करें। लखीमपुर खीरी की दोषियों को सजा दे। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टैनी को पद से बर्खास्त कर दंडित किया जाए। किसानों पर दर्ज सभी मुकदमे रद्द किए जाएं। दिल्ली आंदोलन के दौरान बिजली संशोधन बिल को लागू करना बंद किया जाए। 60 साल से अधिक उम्र के सभी किसानों को दस हजार मासिक पेंशन दी जाए। किसान संघर्ष को राष्ट्र विरोधी कहना बंद किया जाए। इसके अलावा एसकेएम ने पंजाब सरकार से पंजाब में बाढ़ और ओलावृष्टि से नष्ट हुई फसलों का मुआवजा देने। धान को खत्म करने के लिए सब्जियां, मक्का, मूंगफली, गन्ना और अन्य फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी देने की मांग थी। गन्ना मूल्य 450 रुपए प्रति क्विंटल करने और उनके बकाया जारी किया जाए। पराली जलाने पर किसानों पर दर्ज मुकदमे, रेड एंट्री और अन्य सभी कार्रवाई रद्द की जाए। किसान आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा और नौकरी दी जाए।












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