'पंजाब से अलग हो हरियाणा का हाईकोर्ट', CM मनोहर की इस मांग पर CM मान हुए राजी, मिलाया हाथ
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा की सरकारें चंडीगढ़ को अपनी राजधानी बता उस पर अपना-अपना हक जता रही हैं। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री ये कह चुके हैं चंडीगढ़ पर केवल उनके राज्य का हक है। इसी तरह अलग हाईकोर्ट की मांग भी उठने लगी है। हां जी, पंजाब और हरियाणा दोनों राज्य अभी चंडीगढ़ स्थित हाईकोर्ट से जुड़े हैं, जिसे- "पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट" कहा जाता है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हरियाणा और पंजाब के लिए अलग हाईकोर्ट की मांग की है। हालांकि, पंजाब उनकी इस मांग का विरोध नहीं कर रहा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस मांग पर अपनी सहमति जताई है। बता दें कि, हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति हाईकोर्ट के बजाय हरियाणा लोक सेवा आयोग से करवाने की मांग रखी। इसके लिए, शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन में यह मांग उठाई गई। जहां मुख्यमंत्री ने कहा कि, अलग-अलग हाईकोर्ट स्थापित करना समय की मांग है।

इस पर पंजाब के मुख्यमंत्री मान ने कहा कि, वे इससे सहमत हैं। सियासत के जानकारों की नजर में, मान अलग हाईकोर्ट की मांग से इसलिए सहमत हुए कि उन्हें लगता है कि चंडीगढ़ स्थित हाईकोर्ट पंजाब का रह जाएगा। वहीं, हरियाणा को अलग बनाना होगा। हालांकि, ऐसा संभव नहीं है, क्योंकि हरियाणा सरकार पंजाब सरकार के आगे किसी भी मुद्दे पर नहीं झुकना चाहेगी। हरियाणा सरकार चंडीगढ़ पर भी हक बनाए रखने का ऐलान कर चुकी है। विधानसभा परिसर, में दोनों दलों के नेताओं के बीच इसे लेकर कई दफा बहस हो चुकी है।
बहरहाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री ने यह साफ कह दिया है कि, वे अलग हाईकोर्ट चाहते हैं। माना जा रहा है कि, वे जल्द ही गृह मंत्रालय को अलग-अलग प्रस्ताव भेजेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि दोनों राज्य हाईकोर्ट स्थापित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को विधिवत रूप से प्रस्ताव भेजेंगे। इसका सवाल होने पर मान ने मनोहर लाल से हाथ मिलाया, और उन्हें सहमति दी।












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