देश में बढ़ा क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट, जानिए क्या होता है जब आप नहीं करते भुगतान
देश में क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट करने वालों की संख्या में पिछले कुछ समय में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है। वित्त वर्ष 2023 में क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट में 951 करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। पिछले साल जहां यह डिफॉल्ट 3122 करोड़ रुपए था, वह 951 करोड़ रुपए बढ़कर 4073 करोड़ रुपए हो गया है। यह जानकारी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में दायर आरटीआई से हासिल हुई है।
इस असुरक्षित लोन को लेकर रिजर्व बैंक ने सवाल खड़ा किया है। आरबीआई ने इस बढ़ते जोखिम को लेकर चिंता जाहिर की है। उच्च ब्याज दर और उच्च महंगाई दर के बीच क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट को लेकर आरबीआई ने चिंता जाहिर की है। ट्रूबोर्ड पार्टनर के अध्ययन के अनुसार क्रेडिट कार्ड धारकों की लिमिट पिछले दो साल में काफी बढ़ी है।

क्या होता है क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट
क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट उस वक्त होता है जब आप अपने क्रेडिट कार्ड से खर्च की गई राशि का समय से भुगतान नहीं करते हैं। पैसाबाजार के अनुसार अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड की न्यूनतम राशि का भुगतान 6 महीने तक नहीं करते हैं तो आपको डिफॉल्टर की लिस्ट में रख दिया जाता है, जिसके बाद क्रेडिट कार्ड तत्काल प्रभाव से निष्क्रिय हो जाता है।
जब भी आप क्रेडिट कार्ड लेते हैं तो आप कुछ नियम और शर्तों पर राजी होते हैं, जिसमे आप इस बात के लिए भी राजी होते हैं कि आप क्रेडिट कार्ड की न्यूनतम राशि का भुगतान समय पर करेंगे। क्रेडिट कार्ड का बिल आने पर ग्राहकों के पास पूरी राशि का भुगतान करने या फिर न्यूनतम राशि का भुगतान करने का विकल्प दिया जाता है। अगर आप डिफॉल्ट करते हैं और राशि का भुगतान नहीं करते हैं तो आपसे बैंक 38-42 फीसदी का ब्याज वसूलता है।
छह महीने तक भुगतान नहीं करने पर बैंक आपको ईमेल, मैसेज के जरिए नोटिस भेजता है। फिर भी आप भुगतान नहीं करते हैं तो आपका अकाउंट बंद कर दिया जाता है और आपके खिलाफ क्रेडिट ब्यूरो को शिकायत दर्ज की जाती है। इसके बाद भी आप भुगतान नहीं करते हैं तो अपराधी की श्रेणी में डाल दिया जाता है।
90 दिन तक भुगतान नहीं करने पर बैंक आपके पास रिकवरी एजेंट को भेज सकता है। इसके साथ ही आपके खिलाफ पुलिस केस दर्ज कराया जा सकता है साथ ही आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो सकती है। आपको नोटिस मिल सकता है और वन टाइम सेटलमेंट का विकल्प दिया जा सकता है।
190 दिनों तक भी भुगतान नहीं करते हैं तो आपके क्रेडिट कार्ड को रिकवरी पूल में रख दिया जाता है। इसके बाद आपके अकाउंट को एनपीए कर दिया जता है। इसके बाद बैंक आपके खिलाफ केस दर्ज कर सकता है और आपसे कानूनी तरह से रिकवरी कराई जा सकती है।
आरबीआई की नई गाइडलाइन के अनुसार कार्डधारक को 7 नोटिस भेजना अनिवार्य है और बताना होगा कि आप क्या कार्रवाई करने जा रहे हैं। इसके साथ ही अगर आप क्रेडिट कार्ड डिफॉल्ट करते हैं तो आपको ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है, आपको कोई भी बैंक लोन देने से इनकार कर सकता है।












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