सरकार ने बनाई इनकम टैक्स चोरों को पकड़ने की योजना
नई दिल्लीः देश में इनकम टैक्स की चोरी करने वालों की अब खैर नहीं। सूत्रों से पता चला है कि मोदी सरकार जीएसटी टैक्स फाइलिंग्स के जरिए उन लोगों को ट्रैक करने की योजना बना रही है जो टैक्स नहीं देते हैं। सरकार दो कदम उठाने जा रही है। पहला सरकार एक ऐसा डेटाबेस बनाएगी, जिसमें कंपनियों और उनके प्रमोटरों की इनकम का मिलाने करके टैक्स रिटर्न से किया जा सके। हालांकि, अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि सरकार कितने सालों तक की टैक्स चोरी का पता लगाएगी।

हो सकता है कि सरकार का ये मैकेनिज्म अगले साल से लागू किया जाए। सरकार के मैकेनिज्म के बाद कंपनी की इनकम को घटाकर या बढ़ाकर दिखाना मुश्किल हो जाएगा। कई जानकार लोगों का मानना है कि अगर ऐसा हो गया तो टैक्स अधिकारियों के लिए काफी आसान हो जाएगी और किसी भी टैक्स अधिकारी को डेटा खंगालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे किसी भी टैक्स चोरी करने वाले को आसानी से पकड़ा जा सकेगा।
डेलॉयट इंडिया में पार्टनर के जसकिरन भाटिया ने इस मामले में कहा है, 'तकनीकी तौर पर GST डेटा के जरिए इनकम टैक्स डेटा से लिंक बनाया जा सकता है। ऐसा ऐनालिटिक्स की मदद से कॉमन डेटा सेट के जरिए किया जा सकता है। GST और Tax डिपार्टमेंट के पास यह रिस्क ऐनालिसिस करने के लिए पहले से डेटा है कि टैक्स पेमेंट्स के मामले में इंडस्ट्री ऐवरेज से ज्यादा अंतर वाले मामलों की स्क्रूटिनी की जा सके और जो टैक्स न दे रहे हों या कंपनी की आमदनी को घटाकर दिखा रहे हों, उनसे सवाल-जवाब किया जा सके।'
कई जानकार लोगों का मानना है किअब टैक्स चोरी करना काफी मुश्किल हो गया है। पहले व्यापारियों के बाद पहले खरीदे गए रॉ मटीरियल्स और सप्लाई किए गए माल का कोई रिकॉर्ड नहीं होता था, इसमें छेड़छाड़ करना भी आसान नहीं था।
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