Simone Tata Net Worth: सिमोन टाटा स्विस दुल्हन से कैसे बनी रिटेल साम्राज्य की मालकिन? कितनी छोड़ गईं संपत्ति
Simone Tata Net Worth: टाटा ग्रुप को एक बड़ा झटका लगा है। रतन टाटा की सौतेली मां सिमोन टाटा का 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने शुक्रवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। वह टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा की मां थीं। सिमोन टाटा को भारत की सबसे सफल महिला उद्योगपतियों में गिना जाता था, जिन्होंने देश के कॉस्मेटिक और रिटेल सेक्टर को बदल कर रख दिया।
सिमोन टाटा ने अपने दम पर एक विशाल व्यावसायिक विरासत खड़ी की। 1961 में लैक्मे के बोर्ड में शामिल होने के बाद, वह 1982 में इसकी अध्यक्ष बनीं। उन्होंने लैक्मे (Lakmé) नाम के कॉस्मेटिक ब्रांड को पूरे भारत में मशहूर किया, जिसके कारण उन्हें 'कॉस्मेटिक ज़ारिना' भी कहा जाता था।

ट्रेंट की स्थापना में यूज किया लैक्मे का फंड
लैक्मे को हिंदुस्तान यूनिलीवर को बेचने और उस फंड का उपयोग नए रिटेल वेंचर में करने का रणनीतिक फैसला सिमोन टाटा का ही था। उस फंड से उन्होंने ट्रेंट (Trent) कंपनी की स्थापना की। आज ट्रेंट कंपनी ही वेस्टसाइड (Westside) और ज़ुडियो (Zudio) जैसे बड़े फैशन स्टोर्स चलाती है। इस कंपनी की कुल कीमत आज ₹1 लाख करोड़ से भी ज़्यादा है।
जिनेवा से मुंबई: एक पर्यटक की प्रेम कहानी
सिमोन टाटा का जन्म 1930 में स्विट्जरलैंड के जिनेवा शहर में हुआ था। वह 1953 में सिर्फ एक पर्यटक बनकर भारत आई थीं। यहीं उनकी मुलाक़ात नवल एच. टाटा (रतन टाटा के पिता) से हुई, जो टाटा ग्रुप के एक प्रमुख नाम थे। दोनों ने 1955 में शादी कर ली, और सिमोन ने भारत को ही अपना स्थायी घर बना लिया। इसके बाद वह 1960 के दशक की शुरुआत में ही टाटा समूह के व्यवसाय से पेशेवर रूप से जुड़ गईं।
परिवार और सामाजिक विरासत
सिमोन टाटा अपने बेटे नोएल टाटा (जो ट्रेंट के चेयरमैन हैं), बहू आलू मिस्त्री, और पोते-पोतियों (नेविल, माया, और लेआ) के लिए यह विशाल व्यावसायिक विरासत छोड़ गई हैं। व्यापार के अलावा, वह समाज सेवा के लिए भी जानी जाती थीं। उन्होंने सर रतन टाटा इंस्टीट्यूट सहित कई परोपकारी संगठनों के काम का मार्गदर्शन भी किया।












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