एसबीआई ने ग्राहकों को दिया तोहफा, बेस रेट में की कमी
सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अपने पुराने ग्राहकों को तोहफा दिया है। भारतीय स्टेट बैंक ने अपने पुराने ग्राहकों के लिए बेस रेट में कमी कर दी है।
मुंबई। सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अपने पुराने ग्राहकों को तोहफा दिया है। भारतीय स्टेट बैंक ने अपने पुराने ग्राहकों के लिए बेस रेट में कमी कर दी है।


पुराने ग्राहकों को तोहफा
भारतीय स्टेट बैंक ने बेस रेट को 0.15 फीसदी की कमी कर दी है। इसके चलते पुराने ग्राहकों के लिए अब होम लोन के ब्याज की दर 9.25 फीसदी से घटकर 9.1 हो गई है। यह नया बेस रेट 1 अप्रैल से लागू होगा। पर अभी एमसीएलआर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

ईएमआई हो जाएगी कम
बेस रेट के घटने से केवल उन्हीं पुराने ग्राहकों को फायदा होगा जिन्होंने बेस रेट पर लोन ले रखा है। बेस रेट पर लोन लेने वालों के होम लोन, कार लोन, बिजनस लोन और पर्सनल लोन सबकी ईएमआई कम हो जाएगी। पर एसबीआई के इस कदम का फायदा नए लोन लेने वालों को नहीं होगा। बैंक नए लोन मार्जिनल कॉस्ट-बेस्ड लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) पर देता है।

एमसीएलआर में कोई परिवर्तन नहीं
आपको बताते चले कि एक अनुमान के मुताबिक 30-40 फीसदी लोन एमसीएलआर से जुड़े हुए हैं बाकी सभी लोन बेस रेट पर ही हैं। एसबीआई ने एमसीएलआर में कोई परिवर्तन नहीं किया है। इससे पहले बैंक जनवरी में एमसीएलआर में बड़ी कटौती कर चुका है। एसबीआई का एक साल का एमसीएलआर 8 प्रतिशत है वहीं, दो साल का रेट 8.1 प्रतिशत है।

क्या है बेस रेट और एमसीएलआर?
बेस रेट- यह वह न्यूनतम दर है जिस पर बैंक अपने ग्राहकों को सभी तरह के लोन दे सकते हैं। रिजर्व बैंक यह निगरानी करता है कि कोई भी बेस रेट से कम पर किसी भी ग्राहक को लोन न दे पाए।
एमसीएलआर-ब्याज दर तय करने को लेकर रिजर्व बैंक ने 1 अप्रैल 2016 से एमसीएलआर की शुरुआत की। इससे पहले ब्याज दर बेस रेट के जरिए तय की जाती थीं। अब मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिग रेट के तहत बैंक ब्याज दर तय कर सकते हैं, यह दर लोन चुकाने के लिए कितने साल बाकी हैं उस पर भी निर्भर करती है।












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