RBI के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य की पारी खत्म, इन्हें मिली मॉनेटिरी कमेटी की कमान
नई दिल्ली। केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य की पार्टी खत्म हो गई है। आरबीआई की स्वायत्तता के मुद्दे पर मुखर रहे विरल आचार्य ने खुद आरबीआई छोड़ने का फैसला लिया। वो आरबीआई की सेवा छोड़कर एक बार फिर से अध्यापन के क्षेत्र में लौटने चाहते हैं और इसलिए उन्होंने समय से पहले आरबीआई को छोड़ने का फैसला किया। वहीं आरबीआई के डिप्टी गवर्नर बीपी कानूनगो को मॉनेटिरी पॉलिसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

आरबीआई छोड़े के बाद विरल आचार्य न्यूयार्क यूनिवर्सिटी के स्टर्न स्कूल आफ बिजनेस पढ़ाएंगे। 45 साल के आचार्य सबसे युवा डिप्टी गवर्नरों में से एक थे। मुंबई में जन्मे विरल आचार्य स्वायत्ता के मुद्दे पर बढ़-चढ़ कर अपना पक्ष रखा। साल 2018 में एक संबोधन के दौरान आचार्य ने कहा था कि अगर सरकार स्वायत्ता में हस्तक्षेप करती है तो बाजार पर इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। आपको बता दें कि पूर्व आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे के बाद से ही विरल आचार्य के इस्तीफे के कयास लगाया जाने लगा था।












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