क्या आप भी डरते हैं ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड ट्रांजैक्शन से

सिर्फ 10 से 15 फीसदी क्रेडिट कार्ड का प्रयोग ऑनलाइन ट्रांजैक्शन में कहीं न कहीं यह बात साबित करता है कि लोगों में ऑनलाइन ट्रांजैक्शन को लेकर एक अनजाना डर अभी तक बरकरार है। इस समय देश में करीब 350 मिलियन डेबिट कार्ड और 19 मिलियन क्रेडिट कार्ड जारी किए गए हैं।
आरबीआई ने गुरुवार को रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि स्वनिर्णय वाली श्रेणी में क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी काफी ज्यादा है जबकि डेबिट कार्ड रोजाना के खर्चों की अदायगी में तेजी से प्रयोग किए जाते हैं। आरबीआई के मुताबिक खर्चों में क्रेडिट कार्ड की हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत है। जबकि 10 से 15 फीसदी ग्राहक अपने कार्ड का प्रयोग ऑनलाइन करते हैं और इनमें से ज्यादातर छोटे शहरों के लोग हैं।
आरबीआई ने यह बात मास्टर कार्ड और वीजा दो बड़े पेमेंट नेटवर्क की ओर से कराई गई एक स्टडी के आधार पर कही है। मास्टर कार्ड की ओर से कराई गई स्टडी की मानें तो दिल्ली, मुंबई और इसी तरह के बड़े शहरों से करीब 75 प्रतिशत पेमेंट कार्ड के जरिए होती है। वहीं 43 प्रतिशत पेमेंट की अदायगी छोटे शहरों से की जाती है। वहीं वीजा की ओर से कराई गई स्टडी की मानें तो 75,000 से 100,000 की आय वाले लोग इन कार्ड का प्रयोग सबसे ज्यादा करते हैं।
आरबीआई की ओर से जो रिपोर्ट जारी की गई है उसके मुताबिक रेल और हवाई किरायों के लिए 71 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट, 61 प्रतिशत ड्यूरेबल चीजों की अदायगी के लिए, किराए के लिए 49 प्रतिशत, टेलीफोन और मोबाइल के लिए 47 प्रतिशत और मेडिकल सेवाओं में 46 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट्स का प्रयोग होता है।
इसके अलावा क्लोदिंग और फुटवियर पर 44 प्रतिशत और खाने-पीने की चीजों में 35 प्रतिशत तक इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट किया जाता है। भारत में वर्ष 1998 में डेबिड कार्ड का प्रवेश हुआ था और वर्तमान में 95 प्रतिशत तक डेबिट कार्ड सर्कुलेट किए जाते हैं।












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