वित्त वर्ष 2022-23 में महंगाई दर 5.75 फीसदी रहने का अनुमान: RBI
नई दिल्ली, 08 फरवरी। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने आज वित्त वर्ष 2022-23 की अपनी पहली मौद्रिक नीति का ऐलान किया। इस मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। जिस तरह से देश में महंगाई अपने चरम पर है, उसको लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर शक्तिकांत दास की ओर से कहा गया है हमारा अनुमान है कि महंगाई दर 5.75 फीसदी रहेगी। वहीं स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के एमडी अश्विनी तिवारी ने कहा कि आरबीआई की नीति वैसी ही रही है जैसी अपेक्षा थी। कई ऐसे कदम उठाए गए हैं जो वित्तीय व्यवस्था को मदद देंगे।

सीपीआई इंफ्लेशन वित्त वर्ष 23 में अप्रैल-जून 2022 6.3 फीसदी रहने की संभावना जताई गई है जबकि जुलाई-सितंबर में 5 फीसदी, अक्टूबर-दिसंबर में 5.4 फीसदी, जनवरी-मार्च 2023 5.1 फीसदी रहने की संभावना जताई गई है। बता दें कि खुदरा महंगाई दर पिछले 6.07 फीसदी रही जोकि आठ महीनों के शीर्ष स्तर पर है। जनवरी माह में महंगाई दर 6.01 फीसदी थी, वहीं थोक महंगाई दर फरवरी माह में दोहरे अंक में पहुंच गई और यह 13.11 फीसदी तक पहुंची। जनवरी में यह 12.96 फीसदी थी। सबसे ज्यादा महंगाई ईंधन और बिजली में देखने को मिली जोकि 31.50 फीसदी तक पहुंच गई।
खुदरा महंगाई की बात करें तो फरवरी 2021 में यह 5.03 फीसदी रही थी जबकि जून 2021 में यह 6.26 पीसदी तक पहुंच गई थी। एनएसओ ने जो आंकड़े जारी किए थे उसके अनुसार खाद्य पदार्थों की महंगाई 5.89 फीसदी तक पहुंच गई। खाद्य पदार्थों में अनाज की महंगाई 3.95 फीसदी, मांस और मछली 7.54 फीसदी, अंडे की महंगाई 4.15 फीसदी तक रही। सब्जियों की बात करें तो यह 6.13 फीसदी, मसाले 6.09 फीसदी तक रही।












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